
आर.सी.वट ‘प्रेमी’
सन 1999से 2002तक मैं परियोजना प्रशासक गौरेला पैन्ड्रा रोड में पदस्थ था।छत्तीसगढ़ अस्तित्व में आने के बाद कभी धान का कटोरा ,प्रकृति, संस्कृति, खनिज संपदा से परिपूर्ण राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री श्री अजीत जोगी सन्2000 में मरवाही जनजाति सुरक्षित सीट से विधानसभा सदस्य निर्वाचित हुए।चूंकि मरवाही क्षेत्र आदिवासी परियोजना क्षेत्रान्तर्गत आता था, इस समयावधि में मुख्यमंत्री के दौरे हुआ करते थे, आदिवासी उपयोजना में कोटा,लोरमी एवं कवर्धा का कुछ क्षेत्र आता था।मरवाही मुख्यमंत्री अजीत जोगी एवं पैन्ड्रा विधानसभा उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद शुक्ल का क्षेत्र आता था।दोनों अपने क्षेत्र हेतु परियोजना मद से विकास कार्य हेतु राशि आवंटन चाहते थे, लेकिन प्रावधान आदिवासी क्षेत्र हेतु था, मैं उहापोह में होता जबकि श्री जोगी परियोजना सलाहकार मंडल के अध्यक्ष थे, प्रायः बैठक गौरेला में होती जिसमें प्रमुख सचिव, विभागाध्यक्ष, सांसद, विधायक, जनपद अध्यक्ष, क्लेक्टर मानद सदस्य व परियोजना प्रशासक सचिव होते थे।बैठक में मुख्यमंत्री राशि का प्रावधान होने को कहते, तब मैं शासकीय नियमों का हवाला देता तो वे नाराज होते कहते मैं भी क्लेक्टर रहा हूं,लेकिन विश्राम गृह मे कहते कि इसको अन्यथा नही ले,कमसेकम जनप्रतिनिधियों के समक्ष ऐसा मत किया करो।प्रायः दौरे के समय उनकी मिलनसारिता एवं गांव के ग्रामीणों के साथ नीचें बैठकर भोजन करते थे व सामान्य जन की तरह घुलमिल जाते एवं छत्तीसगढ़ी बोलकर सबका मन मोह लेते थे।वे कार्य को देखते थे।उन्होंने मुझे राजीव गांधी लाइफ लाइन में उत्तम कार्य हेतु राज्यपाल एवं विधानसभा अध्यक्ष की उपस्थिति में पुरस्कृत किया।