

तैयारियों को लेकर लगातार बैठक,सहयोग और प्रदर्शन किया जा रहा है,कल गेवरा में एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर के अधिकारियों के साथ होगी वार्ता
कोरबा/ विगत 8 जून को दिनभर दीपका खदान को पूरी तरह से ठप्प करने के बाद एक सप्ताह के भीतर एसईसीएल बिलासपुर मुख्यालय के सक्षम अधिकारियों को बुलाकर वार्ता कराने की मांग पर अड़े ऊर्जाधानी सन्गठन ने अपनी एक दिवसीय आंदोलन को स्थगित किया था किंतु दिए गए समयांतराल में वार्ता के लिए क्षेत्रीय प्रबन्धको द्वारा पहल नही होने पर 1 जुलाई से 7 जुलाई तक दीपका के साथ साथ गेवरा खदान को भी बंद कराने की घोषणा किया गया है । आंदोलन को कामयाब बनाने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामवार बैठक करने के साथ हर घर से 10 रुपया और एक मुट्ठी चावल संग्रह का कार्यक्रम भी चलाया गया है तथा आंदोलन में शामिल होने के लिए आव्हान किया गया है । सन्गठन के पदाधिकारियों ने कहा है कि इस आंदोलन में 2 हजार से ज्यादा लोग खदान बन्द कराने के लिए पहुंचेंगे ।
एसईसीएल मुख्यालय से वार्ता की पहल
एसईसीएल के गेवरा क्षेत्र के मुख्यमहाप्रबन्धक के पहल पर 28 जून को एसईसीएल मुख्यालय से बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के अधिकारी के साथ वार्ता तय किया गया था किंतु जिला प्रशासन के अधिकारियों की मौजूदगी न हो पाने के कारण 30 जून को 12 बजे से गेवरा में त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित की जाएगी । ऊर्जाधानी भुविस्थापित किसान कल्याण समिति की ओर से 2010 से 2018 तक आयोजित 4 बैठकों में पुनर्वास समिति में लिए गए निर्णयों और कई बार समीक्षा बैठको में एसईसीएल प्रबंधन की ओर से दी गयी जानकारी के आधार पर निर्णयों को लागू कराने और अभी सौपे गए ज्ञापन में उठायी गयी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा किया जाएगा । प्रमुख मांगे है जिसपर चर्चा किया जाएगा । 01. परियोजना एवं एरिया स्तर पर पुनर्वास समिति का गठन किया जाये ।
- सभी खातेदार को रो जगार, चार गुना मुआवजा, और बेहतर पुनर्वास की व्यवस्था किया जाए |
- प्रभावित परिवार के बेरोजगारों द्वारा बनाई गई सरकारी समितियों/फर्म/ कंपनी को ठेका कार्य (कोयला परिवहन, पानी छिड़काव, LMV हायरिंग, क्लीनिंग वर्क व अन्य) में 20%आरक्षण दो। स्थानीय बेरोजगारों को प्राथमिकता दिया जाए ।
- लंबित रोजगार ,मुआवजा बसाहट के प्रकरणों का तत्काल निराकरण किया जाए ।
- गांव का आशिंक जमीन अधिग्रहण पर रोक लगाई जाए ।
- भूविस्थापित किसान परिवार के बच्चों को नि:शुल्क प्राथमिक-उच्च शिक्षा दिया जाए ।
- जिला खनिज न्यास निधि का प्रभावित ग्रामों के शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर खर्च किया जाए ।
- पूर्व में अधिग्रहित जमीन वास्तविक खातेदारों को वापस करो, नया अधिग्रहण कानून का पालन किया जाए ।
- महिलाओं और युवाओं के लिए रोजगार सृजन ,कौशल उन्नयन की व्यवस्था करो और स्थानीय उद्योगों में नियोजित किया जाए ।
- राजस्व मामला,फौती, नामन्तरण ,बटाकन, त्रुटीसुधार आदि समस्या का हर गाँव में शिविर आयोजित कर निवारण किया जाये इसके लिए एस ई सी एल समस्त खर्च का वहन करे |
11 . एशिया में सबसे ज्यादा कोयला उत्पादन देने वाले कोरबा जिले में माइनिंग कालेज खोली जाए ।
12 . भूविस्थापितो के लिए बसाहट स्थल को सर्वसुविधायुक्त कालोनी बनाया जाए । तथा सबंधित संस्थान में निःशुल्क इलाज का प्रबंध किया जाए ।
- मलगांव स्थित शिव मंदिर को बिना विधि विधान ध्वस्त करने वाले अधिकारियो पर कार्यवाही
किया जाए और तत्काल मलगांव के बसाहट स्थल पर मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा किया जाए | वहां के विस्थापित परिवारों की सभी मांगो को पूरा किया जाये |
14 . कोयला उत्पादन के नाम पर सुरक्षा मापदंडो का उलंघन करते हुए किये जा रहे हैवी ब्लास्टिंग को बंद किया जाए |
- क्षेत्रीय स्तर पर विस्थापित और प्रभावित परिवारों द्वारा उठायी जा समस्याओ का निराकरण किया जाए |