
रायपुर । लाखे नगर की रहने वाली करुणा अठवानी ने परिवार और समाज के लिए बेहतरीन मिसाल दी है। दिव्यांगता को आड़े नहीं आने देकर उसने अपने संयुक्त परिवार में सबसे पहले कोरोना से बचाव का टीका लगवाया| यह टीका करुणा ने खो-खो पारा के शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (यूपीएचसी) पर स्वंय जाकर लगवाया ।
करुणा अठवानी कहती हैं:‘’मेरी बेस्ट फ्रेंड मुस्कान लेखवानी ने मुझसे फोन करके बताया कि वह कोविड-19 का टीका लगवाने जा रही है और जानना चाह की क्या मै भी चलूँगी उसका साथ? मैंने डॉक्टर से सलाह लेने के उपरांत और तीसरी लहर से परिवार और समाज को सुरक्षित करने के उद्देश्य से कोविड-19 का टीका लगवाया है ।“
करुणा अकेले ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टीका लगवाने पहुंची| मेरे साथ परिवार का कोई सदस्य भी नहीं था । उस समय मुझे बहुत अच्छा लगा जब टीकाकरण करने वाली सिस्टर ने मुझे मेरी ट्राईसाईकिल पर ही आकर वैक्सीनेशन लगवाया । टीकाकरण करने के बाद सिस्टर की मुस्कान में `चींटी के काटने’ जैसे एहसास को भी खत्म कर दिया । वैक्सीनेशन एक बहुत सरल प्रक्रिया है । सामान्य इंजेक्शन जिस तरह से लगता है ठीक उसी प्रकार वैक्सीनेशन भी होता है । आधा घंटा मुझे ऑब्जर्वेशन में रखा गया, उसके बाद मैं अपनी ट्राईसाइकिल से वापस अपने घर आ गई, करुणा ने बताया ।“ करुणा सभी से अपील करते हुए कहती है: “जो भी लोग वैक्सीनेशन अभी तक नहीं करवाए हैं मै उनसे कहना चाहती हूं जब मैं दिव्यांग होकर भी एक कदम आगे बढ़ सकती हूं तो आप तो सक्षम हैं । आगे बढ़े और देश को कोविड-19 के संक्रमण से सुरक्षा प्रदान करने के लिये टीकाकरण केंद्र पर जायें । कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए जारी गाइडलाइन का पालन करें । यही हमारी सच्ची राष्ट्रभक्ति होगी ।“ खो-खो पारा के शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (यूपीएचसी) में टीकाकरण कर रहीं सिस्टर कविता तिवारी कहती है करुणा जैसे लोग समाज के लिए एक मिसाल है जिन्होंने अपनी दिव्यांगता को अपने इरादों के आगे आने नहीं दिया उन्होंने संयुक्त परिवार में रहते हुए सबसे पहले टीकाकरण कराया है यह एक मिसाल है। यूपीएचसी के मेडिकल ऑफिसर डॉ.राहुल अग्रवाल बताते है:
केंद्र पर नियमित रूप से टीकाकरण का कार्य किया जा रहा है । दिव्यांग या बुजुर्गों साथियों के लिए उनके वाहन तक पहुंच कर भी टीकाकरण कर देते हैं । गाइडलाइन के अनुसार आधा घंटा में ऑब्जर्वेशन में रखते हैं । टीकाकरण उपरांत पालन करने वाली समस्त समझाइश देखकर और फोन नंबर देकर भेजते हैं । अगर किसी भी प्रकार की दिक्कत आती है तो तुरंत 104 नंबर पर संपर्क करने के लिए कहा जाता है ।“