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ग्रामीणों और मितानिन के बीच बेहतर समन्वय के लिए हुई बैठक ग्रामीणों ने तम्बाकू व गुड़ाखू का सेवन न करने का लिया संकल्प

ByMedia Session

Feb 28, 2021


दन्तेवाड़ा / जिला मुख्यालय से लगभग 65 किलोमीटर दूर विकासखण्ड कटे कल्याण के दुर्गम क्षेत्र में स्थित ग्राम पचोली के कोरोपालपारा में डीपीएम संदीप ताम्रकर ने मितानिन और ग्रामीणों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए एक बैठक की ताकि ग्रामीणों तक सुचारू रूप से स्वास्थ्य सेवाओं को पहुँचाया जा सके। बैठक के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं से मिलने वाले लाभ की जानकारी भी ग्रामीणों को दी गई। जिला कार्यक्रम प्रबंधक संदीप ताम्रकर ने बताया:, “ज़िले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के साथ-साथ जमीनी स्तर पर मितानिन और ग्राम वासियों के बीच समन्वय मजबूत करने के उद्देश्य से ग्राम पचोली के कोरोपालपारा में एक बैठक का आयोजन किया गया था। इस बैठक में ग्रामवासियों को मितानिन द्वारा किए जाने वाले कार्यों से अवगत कराया गया। साथ ही ग्रामवासियों को तंबाकू और गुड़ाखू उत्पाद से होने वाले शारीरिक नुकसान के बारे में भी जानकारी दी गयी।”
मितानिन द्वारा अपने क्षेत्र में स्वास्थ्य से सम्बंधित कई तरह के कार्य किये जाते हैं। वह अपने क्षेत्र में प्राथमिक उपचार देती है, साथ ही लोगों के बीच बैठक कर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का कार्य करती है| इसके अतिरिक्त गंभीर स्थिति में नज़दीक के स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचाने में भी मदद करती हैं खासकर महिलाओं में स्वास्थ्य के प्रति जगरूकता को बढाने के उद्देश्य से उनको स्वास्थ्य विभाग की सेवाओं और योजनाओं से अवगत भी कराती है । मितानिन ग्रामीणों और स्वास्थ्य विभाग के बीच एक मज़बूत सेतु के रुप में काम करती है। मितानिन द्वारा बच्चों की जांच, टीकाकरण कराने में उनका सहयोग, बच्चों का वजन, गर्भवतियों को गर्भ काल के दौरान पोषण आहार की जानकारी, नवजात की नियमित देखभाल के अतिरिक्त मलेरिया, दस्त, निमोनिया, बीमार नवजात, टीबी, कुष्ठ, पीलिया, कुपोषण, कृमि, गर्भवती पंजीयन, प्रसव पूर्व चार जांचें, संस्थागत प्रसव, जैसे कार्य किये जाते हैं इस तरह से ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोडकर मितानिन महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है।
बैठक के दौरान ग्रामीणों से गुड़ाखू व तम्बाकू का सेवन न करने पर भी चर्चा की गयी और श्री ताम्रकर ने ग्रामीणों को तंबाकू के दुष्प्रभावों के बारे में बताया उन्होंने कहा: “तंबाकू का सेवन केवल शरीरिक स्वास्थ्य के लिए ही नही बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी बहुत बड़ा खतरा है । लगातार गुटखे या तम्बाकू का सेवन करने से दांत कमजोर हो जाते हैं |उनमें से खून आने लगता है मुंह से दुर्गंध आने लगती है, साथ ही मुंह के अंदर घाव भी होने लग जाते हैं| समय पर तंबाकू का सेवन छोड़ देने से इलाज भी संभव है और कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से भी बचा जा सकता है । इस अवसर पर ग्रामीणों ने तंबाकू और तंबाकू उत्पाद से बने हुए सामानों को छोड़ने और ग्राम को तंबाकू मुक्त बनाने का संकल्प भी लिया‘’।
मितानिन कार्यक्रम की जिला समन्वयक राजंती कश्यप ने बताया, मितानिन को ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग के रीढ़ की संज्ञा दी जाती है। मितानिन हमेशा कार्य के प्रति समर्पित रहीं है और आगे आकर काम करती रही हैं। जो समाज के अन्य क्षेत्रों में कार्य कर रहे लोगों के लिए अनुकरणीय उदाहरण है। वे अपना कार्य उदारता व सेवा भाव से करती हैं। मितानिनों के सेवा से ही गाँवों में अनेक प्रकार की योजनाओं और सेवाओं को आम जनता तक पहुँचाने में भी मदद मिलती है। ऐसे में मितानिनों की उपयोगिता का महत्व बताने के लिये, ग्राम वासियो से मुलाकात की गई व उनकी समस्या का निराकरण किया गया।

इस बैठक में स्वास्थ्य विभाग के पीयूष उपाध्याय (ग्रामीण चिकित्सा सहायक) राजंती कश्यप (जिला समन्वयक मितानिन कार्यक्रम) सायराबानो (विकास खंड समन्वयक), मितानिन एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।

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