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इंडस पब्लिक स्कूल दीपका में विश्व एड्स दिवस के अवसर पर श्रृंखला द्वारा प्रतिरूप बनाकर दिया संदेश

ByMedia Session

Dec 2, 2021

⭕ इंडस पब्लिक स्कूल दीपका में विश्व एड्स दिवस पर बच्चों ने दिया एड्स के प्रति जागरूकता का संदेश ⭕ जीवन खुद को खोजने के बारे में नहीं है, जीवन खुद को बनाने के बारे में है-डॉ. संजय गुप्ता

कोरबा/दीपका/ विश्व एड्स दिवस पूरी दुनिया में हर साल 1 दिसम्बर को लोगों को एड्स(एक्वार्ड इम्युनो डेफिशियेंसी सिंड्रोम) के बारे में जागरूक करने के लिये मनाया जाता है । एड्स के वायरस के संक्रमण के कारण होने वाला महामारी का रोग है ।
एड्स ना सिर्फ भारत में बल्कि समस्त विश्व में लोगों के लिए एक ऐसा भयावह शब्द बना हुआ है। जिसे सुनते ही भय के मारे पसीना छूटने लगता है एड्स का अर्थ हैं शरीर में रोगों से लड़ने की क्षमता कम होने से अप्राकृतिक रोगों के अनेक लक्षण प्रकट होना। एचआईवी संक्रमण के बाद एक ऐसी स्थिति बन जाती है कि इससे संक्रमित व्यक्ति की मामूली से मामूली बीमारियों का इलाज भी दूभर हो जाता है और रोगी मृत्यु की ओर खिंचा चला जाता है आज यह भयावह बीमारी एक पालतू जीव की भांति दुनिया भर के करोड़ों लोगों के शरीर में पल रही है।
एड्स के प्रसार से लड़ने का केवल एक ही तरीका है और वह है जागरूकता पैदा करना। अज्ञानता एचआईवी के हस्तांतरण के कारण और तरीके हैं और यह केवल एक बुरी स्थिति को पूरी तरह से बदतर बना देता है। ऐसे में जरूरी है कि लोगों को जागरूक किया जाए कि एड्स क्या है, यह कैसे फैलता है और संक्रमण को रोकने के लिए क्या किया जा सकता है।
सरकारों और गैर-लाभकारी संगठनों ने न केवल स्वास्थ्य जांच करने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों की शुरुआत की है, बल्कि उन पूर्वाग्रहों को भी दूर किया है जो इस बीमारी से पीड़ित हैं और जो इससे पीड़ित हैं। जागरूकता कार्यक्रमों ने एचआईवी के बारे में जानकारी फैलाई है और इसे सालों तक कैसे रोका जाए और उनके प्रयासों का फल मिला है। परिणाम खुद अपनी कहानी कहते हैं। एचआईवी वाले लोगों का प्रतिशत काफी कम हो गया है।
ताकि लोग आत्मसंतुष्ट न हों और यह भूल जाएं कि एड्स अभी भी घातक बीमारियों के क्षेत्र में एक खिलाड़ी है जिसके लिए विभिन्न जागरूकता पहल की गई हैं, जिनमें से सबसे प्रमुख है विश्व एड्स दिवस-एक दिन जब लोग उन लोगों के साथ अपनी एकजुटता दिखाते हैं जो इस बीमारी से पीड़ित हैं और उन लोगों को याद करते हैं जो इसके शिकार थे। अन्य पहल कमजोर लोगों और समुदायों को लक्षित करते हैं ताकि वे पूरी तरह से सूचित हों और बीमारी को फैलने से रोकने में सक्षम हों।

विश्व एड्स दिवस के अवसर पर दीपका स्थित इंडस पब्लिक स्कूल में छात्रों द्वारा लोगों में एड्स के प्रति जागरूकता लाने श्रृंखला द्वारा प्रतिरूप बनाकर संदेश दिया गया साथ विद्यालय में विश्व एड्स दिवस पर एड्स के कारण और बचाव के प्रति लोगों को सतर्क करने जागरूक होने और एड्स के रोगियों के प्रति अमानवीय व्यवहार न करने अपितु उनमें सकारात्मक सोच लाने के उद्देश्य चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें कक्षा पाँचवीं से दसवीं के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया ।

विद्यालय प्राचार्य डॉ. संजय गुप्ता ने कहा कि जहाँ एक ओर जीवन में प्रतिस्पर्धा एवं दुखों का अंबार है वहीं नाना प्रकार की बीमारियों से भी इंसान ग्रसित है,ऐसी ही एक बीमारी है एड्स जो इंसान को खोखला कर देती है, दुनिया, समाज यहाँ तक कि परिवार भी व्यक्ति का साथ छोड़ देता है।

एड्स दिवस पूरे विश्व में मनाने का उद्देश्य लोगों को जागरूकता फैलाना है कि वे इस भयावह बीमारी से दूर रहें । जागरूकता कार्यक्रमों से एचआईवी के बारे में जानकारी गाँव व शहरों में तेजी से फैलाएं जिससे हर नागरिक जागरूक बनें एवं अपने भविष्य का निर्माण एक सही दिशा में कर सकें ।

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