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वाद विवाद एक कला हैं जो समूह में अपनी बात रखना सीखता हैं-डॉ. संजय गुप्ता

ByMedia Session

Oct 29, 2022

⭕ आपसी चर्चा एवं बहस से हो सकता हैं,समस्याओं का निराकरण -डॉ. संजय गुप्ता
⭕ मोबाईल सुविधा या दुविधा’ तथा ’शिक्षा में प्रायोगिक ज्ञान आवश्यक या व्यावहारिक ज्ञान’ विषय पर हुई स्वस्थ एवं ओजस्वी वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन
⭕ इंडस पब्लिक स्कूल दीपका में सीसीए एक्टिविटी के तहत हुआ वाद विवाद प्रतियोगिता का आयोजन

दीपका / संवादात्मक और प्रतिनिधित्व वादी तर्क की एक औंपचारिक विधि जिसे बहस कहतें हैं जो स्वयंसिद्धि और तथ्यात्मक तर्क से स्थिरता की परख करता हैं! इससे हमारी सोई हुई शक्ति जागृत होती हैं, इससे विचार शक्ति इतनी प्रखर हो जाती है,ं कि आगे चलकर जीवन की कठिन समस्यायों से जुझना असान हो जाता है। वाद के माध्यम से ही समस्याओं की गंभीरता का आंलकन होता हैं तथा इसी से समस्या का समाधान भी उभर कर सामने आता हैं’।
दीपका स्थित इंडस पब्लिक स्कूल में बच्चों के वाद कला को निखारने एवं ’ज्वलंत समस्या जो शिक्षा जगत एवं शिक्षार्थी से संबंध रखती हैं, उस पर बच्चों के विचार जानने हेतु विद्यालय में वाद विवाद प्रतियोगता का आयोजन किया गया ! जिसमें दीपका दो कक्षा वर्ग समूह के विद्यार्थियों ने क्र्रमश 6 वीं से 8 वीं एवं 9वीं से 12 वीं के विद्यार्थियों ने अपनें विचार रखें ! विद्यालय के सभी सदन रुबी,एमरल्ड,सफायर एवं टोपाज सदन के विद्यार्थियों ने वाद-विवाद प्रतियोगिता में भाग लिया।
विषय थे-मोबाईल सुविधा या दुविधा’ तथा ’शिक्षा में प्रायोगिक ज्ञान आवश्यक या व्यावहारिक ज्ञान’ उक्त विषय जिसका सीधा संबंध बच्चों से एवं उनकें मानसिक एवं शरीरिक विकास से है।जिस पर बहस करते हूए बच्चों नें स्पष्ट किया कि,निःसंदेह आज की मांग एवं परिवेश के हिसाब से जहाँ एक ओर मोबाइल का प्रयोग आवश्यक है वहीं अगर इसका समझदारी से प्रयोग न किया जाए तो हमारे लिए नुकसानदायक भी है।वहीं शिक्षा में यदि बात करें तो व्यावहारिक ज्ञान एवं प्रायोगिक ज्ञान भी आवयश्क है। दोनों ही विषयों पर विद्यार्थियों ने एक से बढ़कर एक विचार रखे। पूरी प्रतियोगिता का विद्यार्थियों ने भरपूर आनंद लिया।
कार्यक्रम का संचालन श्री हेमलाल श्रीवास ने किया साथ ही जसविता मैडम एवं रितिका मैडम ने निर्णायक के रूप में अपनी भूमिका का निर्वाह किया एवं विद्यालय के सभी शिक्षक – शिक्षिकाओं एवं कर्मचारियों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में पूरा सहयोग दिया! संपूर्ण कार्यक्रम श्रीमती सोमा सरकार (शैक्षणिक प्रभारी प्रायमरी एवं प्री-प्रायमरी) के दिशा निर्देशन में संपन्न हुआ।

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