
कोरबा। छत्तीसगढ़ की राजनीति इन दिनों गरमाई हुई है। वरिष्ठ आदिवासी नेता और पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर के साथ कथित तौर पर हुए दुर्व्यवहार और उन्हें ‘हाउस अरेस्ट’ किए जाने के आरोप ने पूरे प्रदेश में राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। इस मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कोरबा प्रवास के दौरान मीडिया से चर्चा की और सरकार के साथ प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए।डॉ. महंत ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक आदिवासी मुख्यमंत्री के रहते हुए, एक वरिष्ठ आदिवासी नेता के साथ इस तरह का व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर यह बात सही है कि ननकी राम कंवर को हाउस अरेस्ट किया गया, तो इससे दुखद कुछ नहीं हो सकता। उन्होंने इसे प्रदेश की राजनीति का चिंताजनक संकेत बताया और कहा कि ऐसा करना न केवल एक व्यक्ति के सम्मान का अपमान है, बल्कि पूरे आदिवासी समाज की गरिमा पर आघात है।नेता प्रतिपक्ष ने ननकी राम कंवर की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे हमेशा गरीबों, किसानों और हर वर्ग के लोगों के लिए काम करते हैं। वे कोरबा की स्थानीय समस्याओं जैसे प्रदूषण, कोयला चोरी और राखड़ प्रबंधन के मुद्दों को लगातार उठाते रहे हैं। महंत ने कहा कि ननकी राम कंवर केवल एक राजनीतिक नेता नहीं, बल्कि जनता के सच्चे सेवक हैं, जिन्होंने हमेशा जनहित को प्राथमिकता दी है।महंत ने कोरबा जिले की प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यहां का प्रशासन पूरी तरह से अव्यवस्थित हो गया है। कलेक्टर, एसपी और एसईसीएल जैसे विभागों की जवाबदेही खत्म हो चुकी है। उन्होंने कहा कि जिले की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है और सरकार को तत्काल इस पर ध्यान देना चाहिए।महंत ने यह भी कहा कि राजनीति में मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन ननकी राम कंवर जैसे जननायक का सम्मान दलों से ऊपर है। उन्होंने बताया कि कई बार उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कंवर के साथ किया है और वे हमेशा जनता की समस्याओं को सुनने और समाधान की दिशा में काम करने के लिए तत्पर रहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ननकी राम कंवर सादगीपूर्ण जीवन जीते हैं और गौ-सेवा में भी सक्रिय हैं।इस पूरे घटनाक्रम ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। एक ओर विपक्ष सरकार पर आदिवासी नेताओं के अपमान का आरोप लगा रहा है, वहीं सत्ता पक्ष अभी इस पर कोई स्पष्ट बयान देने से बच रहा है।इसी बीच कोरबा में अन्य घटनाएं भी चर्चा में हैं। कोरबा में कोल ब्लॉक आवंटन का विरोध करते हुए ग्रामीणों ने 725 एकड़ जमीन अधिग्रहण रद्द करने की मांग को लेकर तहसीलदार को आवेदन सौंपा है। वहीं एक अन्य घटना में कोरबा शहर में खिड़की से लटका एक महिला का शव मिलने से सनसनी फैल गई। परिजनों ने अनहोनी की आशंका जताई है जबकि पति ने विवाद की बात कही है .









Comments are closed.