सुखी रहना है तो अनजान बने रहो
सवाल उठाने की सजा मिलेगी।
सवाल उठाओगे तो सज़ा मिलना लाज़मी है
जीना है तो चुपचाप मंज़र देखते चलो।
इतने हसीन नजारे हर तरफ हैं
भूख देखना जरूरी है क्या?
सवाल उठाओगे तो सज़ा मिलना लाज़मी है
जीना है तो चुपचाप तमाशे देखते चलो।
तुम को सब अच्छा अच्छा क्यों नहीं दिखता है
इंसान की बेबसी देखना जरूरी है क्या
सवाल उठाओगे तो सज़ा मिलना लाज़मी है
जीना है तो चुपचाप गीत गाते चलो।
जिनके कंधों पर देश चलाने का जुआ है
वो भी तो है देखने के लिए,
और जिन्हें उन्हें जगाने की जिम्मेवारी है
वो भी तो हैं उन्हें कुरेदने के लिए,
और जिन्हें उन्हें हद मे रखने की जिम्मेदारी है
वो भी तो हैं उन्हें बांधने के लिए,
जब इन सब को कुछ नहीं दिखता
तो तुम्हारा चश्मा इतना ज्यादा क्यों देखता है।
उसको केस में बंद नहीं कर सकते हो?
सोने के केस में उसे बंद कर दो
और सबकी तरह तुम भी बयान जारी कर दो
और अपनी कीमत लेकर अलग हो जाओ।
इन सिरफिरों का साथ छोड़ दो
गांधी की बात करते हैं।
गांधी मे गलतियाँ ढ़ूढ़ने की प्रतियोगिता चल रही है
पर उसका नाम लिए बिना जी भी नहीं सकते हैं।
न जाने बुड्ढा महात्मा क्या कर गया
संपूर्ण विश्व उससे मार्ग पूछ रहा है।

रचनाकार
राकेश श्रीवास्तव
लखनऊ






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