
कोरबा । कोरोना काल में हॉस्पिटल का नाम आते ही किसी भी व्यक्ति की की आधी तकलीफ डर के मारे या तो ठीक हो जाती है या फिर वह उसे छिपाकर जाने से मना कर देता है। और बात अगर शासकीय अस्पताल की हो तो वहाँ की व्यवस्थाओं के चलते कोई वहां जल्दी जाना ही नहीं चाहता है। किन्तु कोरबा जिले के अंतर्गत स्थित तुमान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ने इस सोच को ही बदल कर रख दिया है। कोरोना संक्रमण रोकने के लिए यहां की व्यवस्था देख आम लोग ही नहीं बल्कि निजी अस्पताल संचालक भी सोचने को हो मजबूर जाएं। यही कारण है कि यहां हर दिन काफी संख्या में ग्रामीण अपना इलाज कराने पहुंचते हैं और गर्भवती महिलाओं की भी हर शुक्रवार को प्रसव पूर्व जाँचे की जा रहीं हैं।
अस्पताल की डॉक्टर मधु पलिया ने बताया कि उनका पहला उद्देश्य यह है कि न वे खुद संक्रमित हों और न ही दूसरों को संक्रमण होने दें। इसलिए वह सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ही अन्य सुरक्षा उपायों का पालन पूरी तरह से करती हैं। उन्होंने बताया कि हर शुक्रवार को उनके यहाँ गर्भवती महिलाओं को रूटीन चेकअप के लिए लाया जाता है।
इसके लिए दो महतारी एक्सप्रेस लगी हुई हैं। महतारी 102 के कर्मचारी गांव-गांव जाकर 5-5 के ग्रुप में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए गर्भवती महिलाओं को अस्पताल लाते हैं। यहां एक अलग से जगह बनाई गई है, जहां पर सभी गर्भवती को उतारा जाता है। इसके बाद अस्पताल का कर्मचारी साबुन और डेटॉल देकर उनके हांथ, पैर धुलवाता है। इसके बाद उन्हें अस्पताल से मास्क दिया जाता है। इतना हो जाने के बाद अस्पताल गेट पर बैठा चौकीदार उनके हाथ सेनेटाइज करवाकर अंदर प्रवेश देता है। यही प्रक्रिया अन्य बीमारी की जांच कराने आने वाली मरीजों व उनके परिजनों के साथ अपनाई जाती है।
हॉस्पिटल के अंदर पीपीटी किट पहने स्टॉफ नर्स महिलाओं का नाम दर्ज कर उनकी प्राथमिक जांच करने के बाद उन्हें डॉ. मधु के पास भेजती है, जहां उनका चेकअप किया जाता है। डॉ. मधु का कहना है कि उन्होंने महिलाओं की जांच के लिए अलग से कक्ष बनाया है। वह हर शुक्रवार सुबह 10 से शाम 5 बजे तक बैठती हैं और इस दौरान वह 30-35 महिलाओं के चेकअप कार्य करती हैं। बाकी मरीजों की जांच व चेकअप डॉ. पीयुष पलिया करते हैं। शाम को हॉस्पिटल बंद होने से पहले हर दिन उसे पूरी तरह से सेनेटाइज किया जाता है।
तीन स्टॉफ के भरोसे अस्पताल का सुरक्षित संचालन
डॉ. पलिया ने बताया कि उनकी पीएचसी में दो डॉक्टर व दो स्टॉफ नर्स सहित चार स्टॉफ की तैनाती की गई है। वर्तमान में एक स्टॉफ नर्स पिछले चार महीनों से कोविड अस्पताल में ड्यूटी दे रही हैं। इसके चलते उनका अस्पताल केवल तीन स्टॉफ के द्वारा चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया आज भी 23 गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जाँच की गई, जिसमें महिलाओं का वजन, ब्लड प्रेशर, पेट की जाँच, यूरीन, एलब्यूमिन मापा गया एवं उनको कैल्सीअम, आयरन एवं फोलिक ऐसिड की टेबलेट भी वितरित की गई ।
हर माह हो रहे 17से 18 प्रसव
कार्य का इतना दबाव होने के बाद भी पलिया दंपति अपने कर्तव्य पर डटे रहते हैं। उनके इसी समर्पण की बदौलत कोविड-19 संक्रमण के बीच भी वह लोग अस्पताल में हर माह 17-18 सुरक्षित प्रसव कराते हैं। उनका कहना है कि उनके अस्पताल के क्षेत्र में 16 गांव आते हैं। उनकी पूरी टीम के समर्पण की बदौलत कोरोना के दौरान भी यहां स्वास्थ्य व्यवस्था सुचारु रूप से चल रही है।











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