तिल्दा नेवरा से निखिल वाधवा की रिपोर्ट-

तिल्दा/ नेवरा/ तिल्दा नेवरा शहर व आसपास क्षेत्र में खुलेआम मटका, सट्टा का खेल चल रहा है।नगर मे 15 से 20 जगहो में खुलेआम सट्टा, मटका का गोरखधंधा हो रहा है। युवापीढ़ी को इसकी लत लग रही है। नगर मे रोज लग रहा है कई लाख रुपए का सट्टा ।
नगर के हर चौक चौराहे पर रोज दोपहर 12 से रात 09 बजे तक सरेआम सट्टा खेला जाता है। तिल्दा नेवरा पुलिस प्रशासन की कार्यवाही के बाद भी नगर मे 15 से 20 जगहो पर खुले आम सट्टे का खेल स्थानीय लोगों के लिए आम बात हो चुकी है। कुछ बड़े खाईवाल है जो बेधड़क इस कारोबार को अंजाम दे रहे है। यह सिलसिला रात 09 बजे तक ऐसे ही चलता है।सटोरियों की भाषा में कहें तो चिड़िया-कबूतर 12 घर में से एक घर पर आती हैं, वहीं सट्टा 100 घर में से एक घर में आता है। इसकी लत धीरे-धीरे लगती है। जैसे-जैसे आदमी हारता है उसे अपनी रकम वापस पाने की चाहत बढ़ती जाती है।और वह सट्टेबाजी निरन्तर खेलने लग जाता है जिससे कई परिवार बेघर हो रहे है। कई लोग लाखों रुपये इस पर उड़ा देते हैं और सट्टा खाईवालों की मौज होती है।
इन जगहों पर चलता है खेल:- सासाहोली, स्टेशन चौक, सिंधी कैंप ,बाजार पारा, नया स्टेट बैंक ,नेवरा बस्ती,घासीदास चौक ,दीनदयाल चौक, तिल्दा बस्ती ये प्रमुख स्थान है। और कुछ जगहो पर सफेदपोश नेता जुआ सट्टा अड्डा संचालित कर रहे हैं। इनके सरगना प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से अपराध जगत से जुड़े हैं।







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