
रायपुर। नाम और पहचान छिपाकर विवाह करने के मामले में एक युवक पर लव जिहाद का आरोप लगा है। युवती के परिजनों के वकील ने कोर्ट में बताया कि युवक ने अपना धर्म और नाम छिपाकर लड़की से विवाह किया है, जो कानूनन अवैध है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि युवती को बहला-फुसलाकर ले जाया गया है।सुनवाई के दौरान कोर्ट ने युवती को ‘सखी सेंटर’ में रखने का निर्देश दिया ताकि वह किसी दबाव में न रहे और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।कोर्ट ने युवक से 1 लाख रुपये क्यों जमा कराए?आमतौर पर हाईकोर्ट सुनवाई के लिए कोई शुल्क नहीं लेती, लेकिन कुछ विशेष मामलों में जब कोर्ट को यह प्रतीत होता है कि न्याय प्रक्रिया का दुरुपयोग हो रहा है, कोर्ट का कीमती समय नष्ट किया जा रहा है या फिर सरकारी मशीनरी को अनावश्यक रूप से घसीटा जा रहा है, तब कोर्ट याचिकाकर्ता से राशि जमा करवाती है।इस केस में युवती फिलहाल सखी सेंटर में है और कोर्ट में उसकी पेशी के लिए पुलिस बल, संसाधन और सुरक्षा की आवश्यकता होगी। ऐसे में अदालत ने याचिकाकर्ता युवक को निर्देशित किया कि वह 1 लाख रुपए कोर्ट में जमा करे, ताकि यदि सुनवाई के दौरान यह याचिका बेबुनियाद साबित होती है, तो उस पर कानूनी कार्रवाई की जा सके और प्रशासन की मेहनत व्यर्थ न जाए।प्रमुख बिंदु:युवक पर लव जिहाद और नाम छिपाकर विवाह करने का आरोप।युवती को सखी सेंटर में भेजा गया, ताकि वह सुरक्षित और स्वतंत्र माहौल में रह सके।कोर्ट ने याचिकाकर्ता से 1 लाख रुपये की जमानत राशि जमा कराने को कहा।यह फैसला कोर्ट का समय और प्रशासनिक संसाधनों के दुरुपयोग से बचने के लिए लिया गया।






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