
अंतिम संस्कार के लिए कतार में पड़ा
शर्मा जी का शव
वर्मा जी के शव से बोला
‘देखा वर्मा ,हम कितने अनुशासित हो गये है
मरने पर भी कतार में हैं !
‘तुम्हे याद है कि नोटबंदी का समय ?
तब भी ऐसी ही कतारें थीं
लंबी-लंबी !
कैसे मुंह सुखाए फिरते थे
कतारबद्ध लोग
वर्मा जी की पार्थिव देह कराही
वे बोले –
‘यही तो लोकतंत्र की खासियत है
सत्ता पहले से जनता को
रियाज करा देती है’
अठारहवें नंबर पर
रखी मिश्रीलाल की अर्थी हिली
कसमसाई ,
गला साफ कर बोली
‘कुछ भी कह लो सालो !
आगे भी आएगा मोदी ही
क्योंकि यहां की जनता
हमारी तरह निष्प्राण,
अभागी और भक्ति भाव से
ओतप्रोत है
यही मोदीवाद की
सफलता का स्रोत है।







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