रसोई गैस दाम बढ़ोतरी वापस लो भाकपा

कोरबा/ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी जिला परिषद कोरबा द्वारा आज आईटीआई चौक (तानसेन) पर सुबह 11:00 बजे से धरना प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव कामरेड पवन कुमार वर्मा ने कहा कि रसोई गैस के सिलेंडर के दाम में 50 रु0 की एक और बढ़ोतरी किए जाने की भाकपा कड़े शब्दों में निंदा करती है। यह बढ़ोतरी, जनता पर बोझ ऐसे समय पर और बढ़ाने जा रही है, जबकि खाने-पीने की तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतें, पहले ही लगातार बढ़ रही हैं।
कॉमर्शियल उपयोग के रसोई गैस सिलेंडर के दाम में इस साल दूसरी बार बढ़ोतरी की गयी है। 350 रु0 50 पैसे इससे तमाम तैयार खानों की लागत बढ़ जाएगी और इससे महंगाई में और इजाफा होगा।


नौ साल पहले मोदी सरकार के आगमन पर लोगों को उम्मीद बंधी थी कि सरकार के वायदे के अनुसार देश विकास के मार्ग पर आगे बढ़ेगा। किसानों मजदूरों बेरोजगारों गरीबों को समाज में समुचित स्थान मिलेगा, भ्रष्टाचार और महंगाई पर लगाम लगेगी और पूरा देश एवं जनता विकास के मार्ग पर आगे बढ़ेंगे और हमारा देश सचमुच में एक विश्व गुरु बनेगा।
मगर पिछले नौ साल का मोदी सरकार का इतिहास बता रहा है कि उसके द्वारा की गई सारी घोषणाएं और विकास के नारे आम जनता, किसानों, मजदूरों और बेरोजगारों के लिए सबसे बड़े छलावा ही सिद्ध हुए हैं। साल दर साल भारत के किसानों, मजदूरों और नौजवानों के साथ सबसे बड़ा धोखा सिद्ध हुए हैं। गरीबी में भारत दुनिया का सिरमौर बना हुआ है।


किसान और मजदूर पिछले नो सालों में और भी ज्यादा गरीब हुए हैं। उनकी दुख और तकलीफों में महंगाई ने और ज्यादा इजाफा कर दिया है। आजादी के 75 साल बाद भी उन्हें फसलों का न्यूनतम सपोर्ट प्राइस नहीं मिलता, उनकी फसलों की सरकारी खरीद नही होती है। करोड़ों आंगनवाड़ी सहायिका कार्यकर्ताओं, सफाई कर्मी मजदूरों को न्यूनतम वेतन नहीं मिलता है। अखबारों की रिपोर्ट बताती है कि भारत के 85% मजदूरों को मालिकान द्वारा न्यूनतम वेतन भुगतान नहीं किया जाता है। अब तो हालत यह हो गई है की देश के अधिकांश पूंजीपतियों द्वारा श्रम कानूनों का पालन नहीं किया जा रहा है और उनका सरासर उल्लंघन किया जा रहा है जिस वजह से मजदूरों को गरीबी के गर्त में धकेला जा रहा है।


किसान और मजदूरों के बच्चों में बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है। दुनिया में सबसे ज्यादा बेरोजगार भारत में है जो किसान और मजदूर के बेटे और बेटियां हैं। रोजगार को लेकर उनका भविष्य अंधकार में हो गया है। आम जनता अपनी और अपने बच्चों की पढ़ाई, लिखाई, दवाई, शिक्षा और रोजगार को लेकर सबसे ज्यादा परेशान हैं। सीपीआई के पूर्व जिला सचिव कामरेड एम एल रजक जी, बालको एल्युमिनियम एंप्लाइज यूनियन (एटक) के महासचिव सुनील सिंह वरिष्ठ कामरेड राममूर्ति दुबे, जिला परिषद सदस्य कामरेड मनीष नाथ बालको नेहरू नगर ब्रांच सचिव कामरेड अकरम खान ने संबोधित किए इस आंदोलन में शशि नायर, रामू प्रसाद केवट, इंद्राणी श्रीवास ,मुन्ना सिंह, अवधेश वर्मा, अच्छेलाल, ईश्वरदास, पिंटू सिंह, संतोष गुप्ता, नरेंद्र कुमार, राज कुमार महंत आज उपस्थित थे ।

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