
तिल्दा/नेवरा/ जबलपुर निवासी देवीचंद केसरवानी का कोई पुत्र नहीं था. उनकी केवल एक पुत्री है, खुशबू. वह तिल्दा के बनियापारा में रहती है. उसके पति जयंत केसरवानी की इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान है. देवीचंद पिछले कुछ वर्षों से बीमार थे. वे तिल्दा के कृष्णानगर अपनी पत्नी शशिकला के साथ रहते थे और रायपुर के एक हॉस्पिटल में इलाज करा रहे थे. लेकिन स्वास्थ्य ज्यादा खराब होने के कारण उनका निधन हो गया.
निधन के बाद बनियापारा निवासी उनके समधी राजेंद्र केसरवानी के यहाँ से उनकी अंतिम यात्रा निकाली गयी और सार्वजानिक मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया. इस दौरान उनकी पुत्री खुशबू ने मुखाग्नि दी. अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में केसरवानी समाज के लोग, अन्य समाजजन और जबलपुर के परिजन, सगे-सम्बन्धी और मित्रगण शामिल हुए. उपस्थित लोगों ने जब पिता के शव को बेटी द्वारा मुखाग्नि देते हुए देखा, तो माहौल गमगीन हो गया. सभी की आँखों से आँसू बहने लगे. महेश केसरवानी ने बताया कि दिवंगत देवीचंद बड़े ही नेक इंसान और सामाजिक व्यक्ति थे. वे सामाजिक कार्यों में हमेशा आगे रहते थे.







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