
नुनेरा, संकुल नुनेरा के अंतर्गत माध्यमिक शाला रंगोले मे बच्चों एवं शिक्षण स्टाफ के द्वारा गुरु पूर्णिमा आदिकाल से पीढ़ी दर पीढ़ी गुरु की महत्ता हमारे जीवन में किस- प्रकार से मानसिक सद्बुद्धि एवं संस्कार से जीवन जीने की कला व्यवहारिक श्रृंगार से सुसज्जित कर देती है प्रथम गुरु के रूप में माता और पिता की महिमा की बखान करना जितना भी कहें कम हैं अनेक शिष्यों जैसे अरुणी की गुरु भक्ति, सुबंधु, एकलव्य ने गुरु की महत्ता को जीवंत रूप में चरितार्थ कर इतिहास के पन्ने में आज भी स्वर्ण अक्षरों में विद्यमान है बच्चों एवं शिक्षकों के द्वारा भी अनेक सत्य घटना पर आधारित गुरु की महिमा का कहानी कविता एवं वृतांत से बच्चों के मन मस्तिष्क में प्रेरणादायक ऊर्जा से प्रकाशित किया गया
मुख्य रुप से प्रधान पाठ श्री एस, के गुप्ता, शिक्षक श्री एस, के, जायसवाल, श्री सुबन सिंह पैकरा,, प्रधान पाठक श्री विजय कुमार तंवर, श्री विजय देवांगन महत्वपूर्ण योगदान रहा









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