
पटना। 16 अप्रैल 1917 को जब महात्मा गांधी चंपारण पहुँचे तो उनके आगमन की सूचना मिलते ही अंग्रेज जिला अधिकारी डब्ल्यू डी हैकाक ने एक दरोगा के द्वारा महात्मा गांधी को तुरंत चंपारण छोड़ने का नोटिस थमा दिया गया नोटिस में लिखा था “आपके आगमन से चंपारण की शांति भंग होने की आशंका है इसलिए पहले ट्रेन से आप चंपारण छोड़कर वापस चले जाएं ” गांधी जी चंपारण छोड़कर नही गए और जिला अधिकारी के चंपारण छोड़कर जाने के आदेश को रद्द कराया | यह गांधी जी का भारत की धरती पर पहला सफल सत्याग्रह की शुरुआत हुई उसके बाद इसी चंपारण में अंग्रेजों द्वारा किसान विरोधी तीन कठीया व्यवस्था को भी गांधी जी ने रद्द कराया था |
महात्मा गांधी के इसी योगदान के याद में महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय विचार मंच द्वारा चंपारण में महात्मा गांधी शताब्दी शांति सत्याग्रह सम्मेलन का आयोजन प्रस्तावित था पर कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय विचार मंच द्वारा इसे वर्चुअल रुप में मना कर संपन्न किया गया | इस समारोह की शुरुआत चंपारण से इंजिनियर अजय आज़ाद , बब्बू श्रीवास्तव ,अनील वर्मा इत्यादि ने गांधी जी के चित्र पर फूल अर्पित कर तथा दीप प्रज्वलित कर किया वहीं महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय विचार मंच के मुख्यालय में विश्व शांति दूत श्री प्रकाश अर्जुनवार , राष्ट्रीय युवा विकास समिती के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री श्रीनाथ मिश्रा ,श्री हेमचंद्र कुशवाहा ,श्री मनोज ठाकरे इत्यादि ने गांधी जी के चित्र फूल अर्पित किया इस मौके पर गूगल द्वारा सभी लोग इस वर्चुअल क्रयक्रम से जुड़े रहे इस मौके महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय विचार मंच के बिहार राज्य के संयोजक श्री ज़फर हसन और विश्व शांति दूत श्री प्रकाश अर्जुनवार , श्री इंजिनियर अजय आज़ाद , बब्बू श्रीवास्तव , श्रीनाथ मिश्रा ने अपने अपने विचार रखे और गांधी जी याद कर उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित किया |







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