
कोरबा / देश में प्रगतिशील लेखकों की प्रतिनिधि संस्था प्रगतिशील लेखक संघ जिसकी स्थापना के प्रथम अध्यक्ष उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद थे की छत्तीसगढ़ी इकाई की बैठक संपन्न हुई। जिसमें कोरबा, अंबिकापुर , रायगढ़, दुर्ग, राजनांदगांव , रायपुर, बिलासपुर जशपुर, कांकेर, जगदलपुर के कार्यकारिणी सदस्य एवं पदाधिकारियों ने भागीदारी की। प्रगतिशील लेखक संघ के छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष वरिष्ठ कथाकार लोक बाबू, सहित सचिव नथमल शर्मा, रवि श्रीवास्तव, रफीक खान, संजय शाम, परमेश्वर वैष्णव, विश्वासी एक्का, अशोक शिरोडे़ आदि ने भागीदारी की ।
प्रगतिशील लेखक संघ के प्रदेश अध्यक्ष लोक बाबू ने अपने संबोधन में कहा कि आज लेखक और प्रकाशक के संबंधों पर प्रश्न लगा हुआ है लेखक चाहता है कि उसकी लिखी हुई किताब प्रकाशक प्रकाशित कर दे और दूसरी तरफ प्रकाशक रॉयल्टी नहीं देता। हमें आज सोशल मीडिया को अपने लेखन का मंच बनाना होगा और अपने लेखन को उत्कृष्ट जनहितकारी बनाएं।
श्री नथमल शर्मा ने कार्यक्रम का संचालन किया और अपने संबोधन में कहा कि और औद्योगिक नगर कोरबा के साथी कविता चौराहे पर कार्यक्रम का श्री गणेश करना चाहते हैं जो एक सकारात्मक प्रयास रहेगा कभी यह कार्यक्रम बिलासपुर में बहुचर्चित हुआ था।
लेखक संघ की बैठक में सुरेशचंद रोहरा ने भागीदारी की और कोरबा ईकाई के गतिविधियों के संदर्भ मे सभी जानकारियां बैठक में रखीं ।
श्री रोहरा ने जानकारी दी है कि कोरबा में प्रगतिशील लेखक संघ इकाई का पुनर्गठन संरक्षक शिवशंकर अग्रवाल के निर्देश अनुरूप किया जा रहा है और साहित्यिक लेखन और प्रकाशन की गतिविधियों में गति लाई जाएगी। लेखकों की पुस्तकों के प्रकाशन के लिए अनुदान की योजना भी प्रगतिशील लेखक संघ कोरबा में बनाई गई है।







Comments are closed.