
रायपुर । प्रदेश भर में चल रहे पोषण पखवाड़ा के अंतर्गत आजकल महिलाओं से पौष्टिक और पूरक आहार पर जानकारियॉ साझा की जा रही है । जहॉ एक तरफ पौष्टिक और पूरक आहार पर चर्चा हो रही है वहीं व्यंजन प्रतियोगिता भी रखी जा रही है । गृहभेंट कर भोजन में विविधता,स्तनपान और पूरक आहार पर महत्वपूर्ण जानकारियॉ महिलाओं को बताई जा रही है साथ ही हरी भाजियों का उपयोग आवश्यक रूप से करने भी समझाइश की जा रही है । समस्त गतिविधियों में कोविड-19 के दिशा-निर्देशों का पालन करने के साथ ही आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और मितानिन के माध्यम से मास्क लगाने एवं बार-बार हाथ को धोते रहने की बात भी बताई जा रही है ताकि संक्रमण से बचा जा सके ।पोषण पखवाड़ा का आयोजन जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक पांडे के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।
लाभार्थी पूजा साहू (22) ने बताया उसका विवाह दो वर्ष पूर्व हुआ था और वह ’प्रथम बार मां बन रही है। उन्होंने बताया ” आंगनवाड़ी केंद्र पर ही मेरा टीकाकरण हुआ साथ ही‘प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना’मैं मेरा फॉर्म भरवाया गया है । आंगनवाड़ी दीदी ने बताया 3 चरणों में कुल ₹5000 आएंगे । प्रथम चरण के ₹1000 फॉर्म भरने के उपरांत प्राप्त हो चुके है । वही दूसरे चरण का फॉर्म भरा गया है जिसमें ₹2000 आना है। मितानिन दीदी ने यह भी बताया के सरकारी अस्पताल में प्रसव कराने पर ₹1000 ‘जननी सुरक्षा योजना’ के मिलते हैं । आंगनवाड़ी दीदी ने गर्भ में पल रहे बच्चे को उचित पोषण के लिए नियमित रूप से पौष्टिक आहार युक्त थाली खाने को कहा है । हरे पत्तेदार सब्जियां, दालें, मुनगा की भाजी, चावल, रोटी, नियमित रूप से भर पेट गर्भावस्था में खाना होता है । अगर खाने का मन नहीं करता है तो कम खाना खाओ लेकिन कई बार खाना चाहिए ताकि बच्चे को नियमित पोषण मिल सके और एक सुपोषित नवजात का आगमन हो ।‘’
पोषण पखवाड़ा अंतर्गत चल रही गतिविधियों की जानकारी देते हुए पर्यवेक्षक रीता चौधरी ने बताया गढ़बो सुपोषित छत्तीसगढ़’ के तह्त पोषण पखवाड़ा का आयोजन 16 मार्च से 31 मार्च तक किया जा रहा है ।
पर्यवेक्षक रीता चौधरी ने कहा:‘’युवक मंडल के सहयोग से पोषण संबंधी चर्चा के लिए युवकों और युवतियों की बैठक का आयोजन किया जा रहा है ।साथ ही योगा से संबंधित जागरूकता गतिविधियों भी हो रही है जिसमें खेल एवं युवा कल्याण विभाग का सहयोग मिल रहा है । शहरी स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस में चिन्हित कुपोषित बच्चों के परिवार और समुदाय से बच्चों के पोषण देखभाल से संबंधित चर्चा की जा रही है। पोषण देखभाल से संबंधित चर्चा उपरांत पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती किया जाना सुनिश्चित किया जा रहा है । आंगनवाड़ी कार्यकर्ता मितानिन द्वारा गृहभेंट के समय फ्लिपबुक का उपयोग करते हुए पोषण संबंधी महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी गृह भेंट के माध्यम से लाभार्थियों को पहुंचाई जा रही है । इन सब कार्यक्रम के आयोजनों में कोविड-19 के बचाव के लिए जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती के साथ पालन किया जा रहा है ।
उन्होंने कहा “महिला एवं बाल विकास विभाग और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम बनाकरआंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका और मितानिन द्वारा प्राथमिकता के आधार पर गृहभेंट में गर्भवती महिलाएं नवजात शिशुओं के घर 6 से 2 वर्ष तक के बच्चों के घर कुपोषित बच्चों के घर का नियमित गृहभेंट भी सुनिश्चित किया गया है जिसमें महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं और स्वास्थ विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के बारे में जानकारी देना और समय पर टीकाकरण का काम भी किया जा रहा है ।‘’










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