
बिलासपुर / छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री स्व. अजीत जोगी और विधायक डॉ रेणु जोगी की बहू ऋचा जोगी की अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है। उसके खिलाफ मुंगेली के कोतवाली थाने में फर्जी
जाति प्रमाण पत्र बनवाने को लेकर एफ आई आर दर्ज है।
उल्लेखनीय है कि मरवाही विधानसभा उप-चुनाव के ठीक पहले ऋचा जोगी का एक जाति प्रमाण पत्र सामने आया था। सन् 2020 में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के निधन के बाद खाली हुई मरवाही विधानसभा सीट के लिए उनकी बहू ऋचा जोगी ने पर्चा दाखिल किया था, जिसमें उन्होंने ऋचा रूपाली साधु के नाम से आदिवासी जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया था। नामांकन दाखिल करने के ठीक बाद जाति प्रमाणीकरण छानबीन समिति का दस्तावेज सामने आया था जिसमें उनका जरहागांव उप तहसील से बनवाया गया गोंड जाति का प्रमाण पत्र निरस्त होने की जानकारी सामने आई। प्रमाण पत्र निरस्त होने के आधार पर मुंगेली कलेक्टर के निर्देश पर आदिवासी विभाग के सहायक आयुक्त एल आर कुर्रे ने 16 नवंबर 2022 को मुंगेली के कोतवाली थाने में उनके विरुद्ध आईपीसी की धारा 419 और 420 के तहत अपराध दर्ज कराई। एफआईआर के खिलाफ हाईकोर्ट में अलग से याचिका दायर की गई है। साथ ही निचली अदालत में जमानत के लिए ऋचा जोगी की तरफ से आवेदन लगाया गया, जो निरस्त हो गया था। निचली अदालत में अर्जी निरस्त होने के बाद हाईकोर्ट में अपील की गई थी ।
जस्टिस राकेश मोहन पांडे की बेंच में वकील की तरफ से दिए गए तर्क दिया गया कि उच्चस्तरीय जाति प्रमाणकरण समिति ने कलेक्टर को प्राधिकृत अधिकारी माना था, लेकिन एफआईआर आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त की ओर से दर्ज कराई गई है। कानूनी रूप से एफआईआर का स्वरूप दूषित है। सरकार और बचाव पक्ष के तर्कों को सुनने के बाद जस्टिस पांडे की सिंगल बेंच ने ऋचा जोगी को अग्रिम जमानत दे दी।








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