
कोरबी/ चोटिया । जिले के कटघोरा वन मंडल में पिछले 2 वर्ष से हाथियों का आतंक एवं उनकी चिंघाड़ से पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड अंतर्गत आने वाले लगभग 100 से अधिक ग्राम पंचायत पहुंच विहीन वनांचल गांव में निवासरत भोले भाले ग्रामीणों में हाथियों के आतंक से पूरी तरह दहल चुकी है वही पसान, केंदई, एवं जडगा, रेंज में हाथी के हिंसक हमले से दर्जनों ग्रामीण अपनी जान गवा बैठे हैं ।
हाथियों के लगातार हिंसक हमले एवं जनहानि से पूरा क्षेत्र थर्रा उठा है इधर वन विभाग का अमला अब हाथियों को खदेड़ने में अपनी पूरी ताकत लगा दी है जिसके बाद भी हाथी और आक्रामक होते जा रहे हैं ।
वन विभाग के उच्च अधिकारियों का कहना है कि दतैल हाथी अभी मदमस्त हालत में हैं जिससे गांव में निवासरत ग्रामीणों को उनसे दूरी बनाकर रहना चाहिए और विभाग अपनी पूरी टीम के साथ हाथी प्रभावित क्षेत्रों में जाकर अपनी जान को जोखिम में डालकर मुनादी करा रहे हैं ।
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पसान रेंज में चार वन कर्मी अपने कार्य के प्रति पूरी तरह निरंकुश हुए
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ग्रामीणों के द्वारा हमारे संवाददाता को बताया गया कि ग्राम विजडाड में पदस्थ वनपाल अरुण कुमार राजपूत, अपने कार्य के प्रति निरंकुश होकर शराब के नशे में डूबे रहते हैं, ग्राम बनिया में पदस्थ वनरक्षक दिलीप ओरकेरा, पिछले 2 माह से अस्वस्थ है उनका इलाज चल रहा है, तथा संवेदनशील क्षेत्र ग्राम जल्के में पदस्थ वनपाल अशोक शुक्ला, तो अपने मुख्यालय में ना रहा कर नशे में धुत लगातार अनुपस्थित रहते हैं, वही ग्राम पोडीकला, (कोट गार) में पदस्थ वनरक्षक निसार खान अधिकतर मुख्यालय से लापता होकर अपने कार्य के प्रति जिम्मेदारी से दूर रहते हैं, इस संबंध में कटघोरा वन मंडलाधिकारी समा फारुकी, को ऐसे निकम्मा सुस्त वन कर्मचारियों के विषय में जानकारी होने के बावजूद भी अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है!
जबकि कई बार जनप्रतिनिधियों के द्वारा ऐसे निकम्मा शराबी कर्मचारियों के खिलाफ अवगत कराया जा चुका है,
45 हाथियों का झुंड पसान रेंज में पिछले कई माह से आतंक मचा रहा है उसके बाद भी विभाग अब तक कुंभकर्णीय निंद्रा से नहीं जागा है ।








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