मुस्कान ,उत्साह ,उमंग
के लिएअवसर तलाश्ता हूं ।
मैं पल पल आपको निहारता हूं
अवसर मिल जाए तो
मुस्कान भरना चाहता हूँ:
मै पल पल आपको निहारता हूंँ
काटो मै देखा है गुलाब
खिलते हुए
आश्मा मे देखा है पंछी उड़ते हुए
आप मै खिलाचमन देखता हूँ
उत्साह उमंग मुस्कान भरना चाहता हूँ
मै पल-पल आपको निहारता हूंँ

राकेश खरे ” राकेश। “






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