
तिल्दा/ नेवरा/ दिनांक 15/05/2021 को ग्रामीण सेवा सहकारी समिति देवरी विकासखंड तिल्दा द्वारा कृषकों को गलत बीज वितरण करने के संबंध में जिला पंचायत सभापति राजू शर्मा ने प्रबंधक संचालक छत्तीसगढ़ राज्य बीज कृषि विकास को कृषि समिति के बैठक में हुए निर्णय से उप संचालक कृषि विभाग द्वारा पत्र प्रेषित किया गया था जिसमें किसान देवरी ग्रामीण सेवा सहकारी समिति से वितरित धान सरना, महामाया धान का प्रमाणित बीज खरीद कर अपने खेतों में ,ग्राम कोहका, घुलघुल, देवरी के 34 किसान, प्रेमलाल सहित पीड़ित है । जिसकी शिकायत कृषि विभाग उपसंचालक में की गई थी समिति द्वारा उन्नत किस्म के बीच के मिलावट करके किसानों को दिया गया था इस वजह से किसानों को नुकसान उठाना पड़ा मामले की जांच करके उपसंचालक ने बीज निगम को भेज दिया है, इस तरह की गड़बड़ी में किसानों को कृषि समिति के बैठक में नुकसान का आकलन करते हुए प्रति एकड़ 25000 क्षतिपूर्ति राशि किसानों को देने के संबंध में रिपोर्ट तैयार की गई थी मामला 18/05/2020 का है, लेकिन साल भर बीत जाने के बाद भी कृषकों को मुआवजा की राशि प्राप्त नहीं होने से जिला पंचायत सभापति राजू शर्मा ने जिला पंचायत के सामान्य सभा में किसानो को क्षतिपूर्ति देने का मुद्दा उठाया, जिसमें सर्वसम्मति से किसानों को क्षतिपूर्ति मिलने की प्रस्ताव पारित किया गया, ज्ञात रहे कि उप संचालक द्वारा 18 मई को बीज निगम को जांच की रिपोर्ट भेज दी गई है लेकिन मुआवजे के संबंध में बीज निगम द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई है कृषक प्रेमलाल वर्मा ग्राम घुलघुल , देवरी, कोहका द्वारा ग्रामीण सेवा सहकारी समिति से सरना एव महामाया का प्रमाणित बीज महंगे दामों में खरीद कर अपने खेतों मैं बुवाई की गई थी महामाया में 25% दूसरे धान का मिलावट, सरना धान में अन्य महामाया का मिलावट पाया गया था जिसके कारण तीनों गांवों के किसानों की 100 एकड़ जमीन धान की फसल प्रभावित हुई है इस पर जांच कराई गई किसानों को जिन्होंने सोसाइटी से धान बीज बुवाई के लिए लिया उसमें अन्य धान किस्म के बीज मिश्रण से धान उत्पादन में किसानों को नुकसान हुआ है पूर्णा जिला पंचायत में प्रस्ताव पारित करके कलेक्टर एवं राज्य शासन को किसानों को क्षतिपूर्ति का पत्र प्रेषित किया गया है ज्ञात रहे कि उक्त मिलावट धान के संबंध में दैनिक अखबार में सर्वप्रथम समाचार प्रकाशित होने के बाद कृषि विभाग द्वारा जांच की प्रक्रिया प्रारंभ की गई थी I







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