
रायपुर/ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान विधायक राजेश मूणत ने सिटी बस संचालक को लेकर सवाल किया. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के संसाधन से शहर में सिटी बस का संचालन शुरू हुआ. लेकिन दुर्भाग्य से आज बेहतर ढंग से सिटी बस का संचालन नहीं हो रहा. निगम के पास जितनी बसें थीं, उसमें से 30 प्रतिशत बसें भी नहीं बची हैं.
विधायक राजेश मूणत से सवाल किया कि क्या यह सही है कि रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़, सरगुजा, कोरिया तथा बस्तर शहर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट सोसायटी बनाकर सिटी बसों का संचालन किया जा रहा है? क्या यह भी सही है कि योजना प्रारंभ के समय कुल 378 बसें संचालित थीं. लेकिन अब मात्र 106 संचालित हैं ? अगर हां, तो शेष 272 बसों की वर्तमान में क्या स्थिति है? अगर 272 बसें खराब हैं, तो उन्हें सुधरवाने की जिम्मेदारी किसकी है ? क्या इसकी समीक्षा की गई ? यदि नहीं, तो क्यों?
विधायक के सवालों का जवाब देते हुए डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि यह सच है कि रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़, सरगुजा, कोरिया तथा बस्तर शहर में अरबन पब्लिक सर्विस सोसायटी बनाकर सिटी बसों का संचालन किया जा रहा है. यह भी सच है कि योजना शुरू होने के समय कुल 378 बसें सोसायटियों द्वारा संचालित की जा रही थी, जिनमें से वर्तमान में 103 बसें ही संचालित हैं. शेष असंचालित 275 बसों के मूल्यांकन संबंधित सोसायटियों द्वारा की जा रही है.
डिप्टी सीएम साव ने आगे कहा कि खराब बसों को सुधारवाने की जिम्मेदारी संबंधित अरबन पब्लिक सर्विस सोसायटी द्वारा अनुबंधित संचालन एजेंसी की है. सोसायटियों द्वारा अनुबंधित एजेंसियों को आवश्यक मरम्मत उपरांत सिटी बसों का नियमित संचालन किए जाने लगातार समीक्षा कर निर्देशित किया जा रहा है.







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