
बदायूं / बदायूं शहर में चूहे की हत्या का मामला चार्जशीट लगने के बाद एक बार फिर चर्चा में है। कानून के जानकार चार्जशीट पर मंथन कर रहे हैं। इस तरह का यह पहला मामला है, जिसमें एफआईआर दर्ज हुई और चार्जशीट भी दाखिल की गई। इसके साथ ही घटनाक्रम पर भी गौर किया जा रहा है।
घटना के बाद चूहे की मौत का कारण जानने के लिए उसका पोस्टमार्टम कराया गया तो 225 रुपये में पोस्टमार्टम हुआ था। उसका शव एसी गाड़ी से बरेली ले जाया गया था। नवंबर 2022 में सदर कोतवाली क्षेत्र के पनबड़िया के पास रहने वाले मनोज कुमार ने पत्थर बांधकर चूहे को नाले में कई बार बार डुबोया था, इससे चूहे की मौत हो गई थी।
मनोज जब चूहे को मार रहा था तो उसी दौरान पशु प्रेमी विकेंद्र शर्मा वहां से गुजर रहे थे। विकेंद्र ने नाराजगी जाहिर की तो मनोज से कहासुनी हो गई। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और पशु प्रेमी ने आरोपी मनोज पर एफआईआर दर्ज कराने को तहरीर दी। पुलिस ने चूहे को मौके से बरामद किया, हालांकि तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
इसके बाद चूहे का पोस्टमार्टम कराया गया। बीते साल 25 नवंबर को चूहे का शव पोस्टमार्टम के लिए बरेली के आईवीआरआई ले जाया गया तो उसका शव खराब न हो इसके लिए एसी कार का इस्तेमाल किया गया था।
विकेंद्र बताते हैं कि एसी कार से उसको बरेली ले जाया गया, जहां 225 रुपये की पोस्टमार्टम कराने के लिए रसीद भी कटवानी पड़ी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई तय की थी। पुलिस को भी 30 पन्नों की चार्जशीट तैयार करने में चार से पांच हजार रुपये खर्च करने पड़े हैं।
क्रूरता से मारा गया था इसलिए बना अपराध
चूहे घरों-प्रतिष्ठानों और खेतों में नुकसान करते हैं तो उन्हें मारने के लिए दवा रखी जाती है। इसकी न तो कोई अनुमति ली जाती है और न ही कोई अपराध बनता है। मगर, क्रूरता के साथ किसी जीव को मारा जाता है तो वह अपराध की श्रेणी में आ जाता है। इस चूहे को डुबो-डुबोकर क्रूरता से मारा गया था, इसलिए यह अपराध है। आरोप पत्र में धाराओं के आधार पर ही सजा तय होगी।
– संदीप मिश्रा एडवोकेट, पूर्व महासचिव जिला बार एसोसिएशन







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