कोविड-19 से लड़ने और उत्पादकता बढ़ाने बालको ने अपनाई स्मार्ट तकनीकें

बालकोनगर । वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) देश की उन प्रमुख कंपनियों में शामिल हैं जिन्होंने अपनी परिसंपत्तियों, उत्पादन प्रक्रियाओं की निगरानी और रियल टाइम विश्लेषण के लिए स्मार्ट तकनीकों की स्थापना की है। वैश्विक महामारी कोविड की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में व्यवसाय के सतत प्रचालन और कर्मचारियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा की दिशा में बालको ने नवाचार को बढ़ावा देते हुए अत्याधुनिक तकनीकों के साथ ही संयंत्र में ही विकसित तकनीकों को प्रोत्साहत किया है।

बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री अभिजीत पति कहते हैं कि कर्मचारियों और परिसंपत्तियों की सुरक्षा बालको के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रचालन के विभिन्न स्तरों पर स्मार्ट तकनीकों के अपनाए जाने से उत्पादकता में बढ़ोत्तरी तो हुई ही, सुरक्षा संस्कृति को भी बढ़ावा मिला है। कोरोना वाइरस के नकारात्मक प्रभावों से बचाव और जागरूकता की दिशा में स्मार्ट तकनीकों से बड़ी मदद मिली है। बालको को ऐसे संगठन के रूप में विकसित किया जा रहा है जिससे भविष्य की आपदापूर्ण स्थितियों से निपटने और उत्पादन गतिविधियों को निरंतर बनाए रखते हुए कंपनी आत्मनिर्भर भारत बनाने में अपना योगदान सुनिश्चित करेगी।

विद्युत संयंत्रों के प्रचालन में स्मार्ट ऑटोमेशन को बढ़ावा देने और मानवीय हस्तक्षेप को कम करने की दिशा में रियल टाइम डिजिटल डैशबोर्ड और ट्रेंड मॉनिटरिंग प्रणाणियों से बड़ी मदद मिल रही है। डिजिटल डैशबोर्ड की मदद से पुराने डाटा और डिजिटलाइज्ड रिपोर्ट आसानी से मिल जाते हैं, डाउन टाइम में कमी आती है, बिना मानवीय हस्तक्षेप विश्लेषण और त्वरित निर्णयन में मदद मिलती है। कोविड-19 के कारण उत्पन्न होने वाले किसी भी आपातकालीन परिस्थिति से निपटने के लिए 540 तथा 1200 मेगावॉट विद्युत संयंत्रों के कोल हैंडलिंग प्लांट के लिए सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है।

बालको ने अत्याधुनिक सेंट्रलाइज्ड सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर (सी.एस.ओ.सी.) की स्थापना की है। इसका उद्देश्य बालको के प्रचालन, कार्यरत कर्मचारियों और परिसंपत्तियों की सुरक्षा को मजबूती देना है। सी.एस.ओ.सी के जरिए घटनाओं की छानबीन के लिए आधुनिक सिक्योरिटी एनालिटिक्स, कार्यस्थल पर तैनात सिक्योरिटी संसाधनों के बीच प्रभावी तालमेल और रणनीतिक सूचनाओं के एकत्रण को प्रभावी बनाया गया है। डिजिटल इंटेलिजेंस और डाटा इनसाइट के जरिए सिक्योरिटी के अलावा यातायात सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला की सुरक्षा प्रक्रियाओं के साथ ही निर्णयन की प्रक्रिया बेहतर हुई है।

आर.के. ट्रांसपोर्ट एंड कंस्ट्रक्शन के सुरक्षा अधिकारी तथा बालको के कोल हैंडलिंग लॉजिस्टिक पार्टनर श्री दीपक शर्मा कहते हैं कि यातायात प्रबंधन प्रणाली में डिजिटल तकनीकों के अपनाए जाने से ट्रकों की आवाजाही सुरक्षित हो गई है। यातायात के दौरान ट्रैफिक जाम का भी सामना नहीं करना पड़ता। इससे वाहनों का डाउनटाइम घटा है। उत्पादकता में बढ़ोत्तरी हुई है।

बायोमीट्रिक प्रणाली के स्थगन के दौरान संयंत्र में किसी भी अनाधिकृत प्रवेश के जोखिम को समाप्त करने और कोविड-19 के प्रसार को रोकने बालको ने अपनी सिक्योरिटी प्रणाली में सेंटीनेल नामक नए एप्लीकेशन को शामिल किया है जो एनएफसी तकनीक के जरिए आईडी कार्ड से डाटा संग्रहित करता है। इससे एक्टिव इन अथवा एक्टिव ब्लैकलिस्टेड आईडी कार्ड की रियल टाइम जानकारी मिल जाती है। सीएसओसी को प्रतिदिन ऑटो जेनरेटेड ई-मेल भेजी जाती है जिसमें जांच की गए आईडी कार्ड की संख्या, आईडी कार्ड जांचने वाले अधिकारियों की सूची और अपवाद रिपोर्ट संबंधी सूचना शामिल होती है।

कोविड-19 से संक्रमित होने वाले बालको कर्मचारियों, उनके परिवारजनों और व्यवयाय के साझेदारों की देखभाल के लिए बालको ने 24 घंटे काम करने वाले हेल्प डेस्क की स्थापना की है। इसके जरिए जरूरतमंदों को एंबुलेंस सेवा मुहैया कराई जाती है साथ ही उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया जाता है। प्रत्येक पॉजिटिव मरीज को बालको अस्पताल की ओर से एक चिकित्सक की उपलब्धता सुनिश्चित की जाती है। चिकित्सक कोरोना के मरीज को प्रतिदिन फोन के जरिए दवाइयां लेने, स्वास्थ्य पर नजर रखने और स्वस्थ्य जीवन शैली संबंधी जानकारियां प्रदान करते हैं। अस्पताल में मरीजों के जमाव को रोकने और सोशल डिस्टेंसिंग के पालन की दिशा में बालको कर्मचारियों और सेवानिवृत्त बालकोकर्मियों के लिए रूटीन दवाइयों की घर पहंुच सेवा देने की व्यवस्था की गई है।


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