
निखिल वाधवा की रिपोर्ट-
रायपुर/ आमानाका रायपुर के राधा स्वरूपा पूज्या किशोरी आराध्या द्वारा महज 11 वर्ष की उम्र से ही श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ की गंगा अंचल में प्रवाहित की जा रही है । किशोरी जी का जन्म 21 जुलाई 2004 को आमानाका रायपुर छत्तीसगढ़ में हुआ पिता स्व.श्री अनूप कुमार पांडे जी बचपन मे ही इन्हें छोड़कर परमात्मा में विलीन हो गए तब से माता श्रीमति स्वेता पांडे जी ने भक्ति की राह में चलने की प्रेरणा प्रदान की तब से भगवान की पूजा अर्चना में लीन हो गई व भगवान के चरित्र को श्रीमद भागवत कथा के माध्यम से लोगो को रसपान कराना प्रारंभ किया । ग्राम मालाडीह वाले नाना जी पंडित रामेन्द्र कुमार शर्मा संगीत व भजन प्रेमी थे जिससे प्रेरणा पाकर भजन संध्या के माध्यम से प्रभु का गुणगान करने लगी। सुंदर नगर स्तिथ मदर्स प्राइड हायर सेकेंडरी स्कूल रायपुर के कक्षा 11वीं में गणित विषय मे अध्ययनरत है इनकी प्रतिभा व भगवान की कथा के प्रति समर्पण भाव को देखते हुए शाला के प्राचार्य व शाला परिवार विशेष सहयोग प्रदान करते रहे। विगत 5 वर्षो से श्रीमद भागवत महापुराण की कथा का रसपान अंचल के भक्तों को करा रहे है। अंतरराष्ट्रीय हिन्दू महासंघ द्वारा वासिंगटन अमेरिका में श्रीमद भागवत कथा के लिए इन्हें आमंत्रित किया गया है।
इतनी कम उम्र में मानव समाज के चरित्र निर्माण के लिए धर्म का प्रचार करना राजधानी सहित छत्तीसगढ़ अंचल के लिये गर्व की बात है भविष्य में छत्तीसगढ़ के साथ साथ पूरे देश के तीर्थ स्थलों व चारो धामो में श्रीमद भागवत कथा का रसपान कराने संकल्पित है।







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