हमारा नौसेना दुनिया की शीर्ष दस नौसेना बलों में से एक है ,और विश्व में इसका 7वां स्थान है , साथियों आप जानते ही हैं कि हमारे भारतीय नौसेना के पास लगभग 67,000 कर्मचारी और लगभग 295 नौसेना संपत्तियां हैं ,जो कि दक्षिण एशिया में सबसे शक्तिशाली फोर्स मानी जाती हैं, अभी हाल ही में शामिल राफेल लड़ाकू विमान से भारतीय वायुसेना की युद्धक क्षमता पहले से और भी अधिक मजबूत होगी । देखो साथियों बात वर्ष 1971 की है, जब भारत-पाकिस्तान के बीच हुए युद्ध में हम विजयी हुए थे , इसीलिए भारत की विजय का जश्न मनाने के लिए हर साल हम 4 दिसंबर को नौसेना दिवस मनाते है । इस युद्ध के दौरान भारतीय नौसेना ने कराची पर हमला किया था, उसी सफलता की याद में नौसेना दिवस मनाया जाता है ,इस जंग को ‘ऑपरेशन ट्राइडेंट’ के नाम से भी हम सभी जानते हैं। यह अभियान पाकिस्तानी नौसेना के मुख्यालय को निशाने पर लेकर शुरू किया गया, जो कि कराची में था। हमारे भारत के इस हमले में 3 विद्युत क्लास मिसाइल बोट, 2 एंटी-सबमरीन और एक टैंकर भी शामिल था। जैसा कि हम जानते है कि 1971 की जंग की शुरुआत 3 दिसंबर से हुई थी, जब पाकिस्तान ने हमारे हवाई क्षेत्र और सीमावर्ती क्षेत्र में हमला किया तो पाकिस्तानी को जवाब देने के लिए नौसेना की ओर से यह ऑपरेशन चलाया गया था , ये अभियान पाकिस्तानी नौसेना के मुख्यालय को निशाने पर लेकर शुरू किया गया, जो कराची में था । भारत की ओर से किए गए इस हमले में 3 विद्युत क्लास मिसाइल बोट, 2 एंटी-सबमरीन और एक टैंकर शामिल था. इस युद्ध में पहली बार जहाज पर मार करने वाली एंटी शिप मिसाइल से हमला किया गया था ,भारत ने इस ऑपरेशन में पाकिस्तान पर हमला कर उनकी सैन्य शक्ति को तबाह करना शुरू कर दिया था। इसलिए भारतीय नौसेना दिवस 4 दिसम्बर को मनाया जाता है ,क्योंकि इसी दिन भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध की शुरुआत के साथ भारत की नौसेना ने विजय हासिल की थी।

विक्रम चौरसिया







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