
कोरबा। एल्युमिनियम एम्पलाइज यूनियन (एटक) बालको कोरबा की कार्यकारिणी की विस्तारित बैठक सोमवार 19 जनवरी 2026 को सायं 6 बजे एटक कार्यालय बालको में आयोजित की गई। बैठक में केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई चार श्रम संहिताओं के विरोध में 12 फरवरी 2026 को एकदिवसीय हड़ताल कर विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया।बैठक को संबोधित करते हुए एल्युमिनियम एम्पलाइज यूनियन के महासचिव सुनील सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार वर्ष 2014 से 44 श्रम कानूनों को समाप्त कर चार श्रम संहिताओं में बदलने का प्रयास कर रही थी, लेकिन किसानों और मजदूरों के आंदोलनों के कारण इसे संसद में पारित नहीं कराया जा सका। इसके बाद अचानक चारों श्रम संहिताओं को लागू कर दिया गया, जो पूरी तरह मजदूर विरोधी हैं। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा और जनहित से जुड़े मुद्दों को भुलाकर सरकार मजदूरों और आम जनता का शोषण कर रही है। इन श्रम संहिताओं के खिलाफ 12 फरवरी को पूरे देश में जोरदार विरोध किया जाएगा।सभा को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ राज्य एटक के महासचिव कामरेड हरिनाथ सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार जन समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय किसान, मजदूर और आम जनता को धर्म के नाम पर बांटने का काम कर रही है। भ्रष्टाचार खत्म करने, महंगाई कम करने, बेरोजगारी दूर करने और सामाजिक सुरक्षा देने के वादों के साथ सत्ता में आई सरकार ने इन समस्याओं को और बढ़ा दिया है। बेरोजगारी और महंगाई चरम पर हैं, महिलाओं की सुरक्षा को लेकर स्थिति चिंताजनक है और सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वालों पर ईडी, सीबीआई और प्रशासन का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 44 श्रम कानूनों को खत्म कर लागू की गई चार श्रम संहिताएं कुछ उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए लाई गई हैं, जिनका मजदूर संगठन मिलकर मुंहतोड़ जवाब देंगे।बैठक को यूनियन के कार्यकारी अध्यक्ष एस.के. सिंह, उपाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह, संतोषी बरेठ, मन्नूलाल लाठियां, अनूप सिंह, प्रभाकांत पांडे, रंजीत भारती, विजय लक्ष्मी चौहान सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में सैकड़ों श्रमिकों की उपस्थिति रही।प्रेस विज्ञप्ति के अंत में महासचिव सुनील सिंह ने सभी श्रमिकों से 12 फरवरी 2026 की एकदिवसीय हड़ताल को सफल बनाने की अपील की।










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