
छत्तीसगढ़ में बोर्ड परीक्षा को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं कक्षा की हिंदी परीक्षा के प्रश्नपत्र के लीक होने का दावा किया गया है, जिसके बाद छात्र राजनीति और शिक्षा व्यवस्था में हलचल मच गई है। छात्र संगठन नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) से जुड़े छात्र नेता पुनेश्वर लहरे ने आरोप लगाया है कि हिंदी विषय का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था।पुनेश्वर लहरे के मुताबिक 13 मार्च की रात कुछ व्हाट्सएप ग्रुपों में जो प्रश्नपत्र वायरल हुआ था, वही प्रश्नपत्र 14 मार्च को आयोजित बोर्ड परीक्षा में देखने को मिला। इस दावे के बाद परीक्षा की गोपनीयता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। उन्होंने कहा कि यह मामला लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा हुआ है, इसलिए सरकार और शिक्षा मंडल को इसे बेहद गंभीरता से लेना चाहिए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।मामले को लेकर एनएसयूआई ने भी सख्त रुख अपनाया है।

संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन तेज किया जाएगा। इसी कड़ी में एनएसयूआई ने सोमवार को छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल कार्यालय का घेराव कर विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। संगठन का कहना है कि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जब तक मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक विरोध जारी रहेगा।इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब सभी की नजरें सरकार और शिक्षा मंडल की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं कि परीक्षा पेपर लीक के आरोपों की जांच किस तरह होती है और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।









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