
हरदीबाजार:-हरदीबाजार का आंशिक अधिग्रहण दीपका कोयला खदान विस्तार के लिए 2004-2010 में अधिग्रहण किया जा चुका है। जिसकी डीआरसी बैठक 3 अप्रैल को कोरबा कलेक्टर सभागार में हो चुकी है । जहां ग्रामीणों की मांगों व बातों को दरकिनार कर दिया गया था। आज तक एसईसीएल दीपका प्रबंधन नौकरी के लिए कट-आउट लिस्ट जारी नहीं की,न कितने लोग बसाहट के पात्र हैं, ग्रामवासियों की 17 सूत्रीय मांगों पर भी प्रबंधन मौन है,ऐसे में एसईसीएल दीपका प्रबंधन जबरान मकान नापी , सर्वे का कार्य करने की कोशिश कर चुकी है,जिसका विरोध भी ग्रामवासियों के द्वारा किया गया था। उसके बाद से जिला प्रशासन कभी तहसीलदार के माध्यम से,तो कभी एसडीएम के माध्यम से तो बुधवार को पाली सीओ के माध्यम से सरपंच पर कलेक्टर के साथ बैठक करने का दबाब बनाया जा रहा है,जबकि ग्रामवासियों व सरपंच ने कहा दिया है कि एसईसीएल दीपका प्रबंधन व जिला प्रशासन व ग्रामीणों की त्रिपक्षीय वार्ता हरदीबाजार में ही हो । जिसके संदर्भ में पुनः गुरुवार को 11 बजे पंचायत भवन में ग्रामवासियों व पंचायत प्रतिनिधियों की बैठक रखी गई थी जिसमें सभी ने साफ़ शब्दों में कह दिया है कि एसईसीएल दीपका संबंधी जो भी समस्या है उसकी बैठक ग्रामवासियों के साथ हरदीबाजार में ही हो चाहे तहसील भवन, समुदायिक भवन या पंचायत भवन फिर भी प्रशासन बार-बार सरपंच पर बैठक करने दबाब बना रहा ये न्यायोचित नहीं है। इसे हम सभी ग्रामवासी बर्दाश्त नहीं करेंगे। बैठक में सरपंच लोकेश्वर कंवर, नरेश टंडन, बाबूराम राठौर, अरुण राठौर,उप सरपंच प्रतिनिधि रामू जायसवाल, रामायण यादव, मनीराम भारती, राजेश जायसवाल,भुनेश्वर राठौर, नरेंद्र राठौर,अनिल टंडन,रेखराम पांडेय, रामेश्वर यादव, सुरेंद्र राठौर,दिलीप राठौर,रवि राठौर,लेखराम राठौर,विक्की जायसवाल,राज ओग्रे, कीर्ति सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे।







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