अखिलेश उप्पल, बीजापुर

बीजापुर – जिले के कलेक्टर श्री संबित मिश्रा ने आदिवासी विकास विभाग की समीक्षा करते हुए छात्रावासों और आश्रमों की स्थिति पर गहरी चिंता जताई और अधिकारियों को मौजूद व्यवस्थाओं में सुधार के सख्त निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ स्वास्थ्य, सुरक्षा और सुविधा में किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।बैठक में उन्होंने कहा कि सभी संस्थानों को चाहिए कि वे अपने यहां की पंजियों को समय पर अपडेट रखें। बच्चों का नियमित मेडिकल चेकअप, और बीमार बच्चों के लिए अलग कक्ष की तत्काल व्यवस्था अनिवार्य की गई है।इसके साथ ही यह भी निर्देश दिया गया कि छात्र-छात्राओं के जरूरी दस्तावेज जैसे जन्म प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए अभियान चलाया जाए ताकि भविष्य में किसी योजना का लाभ लेने में कोई बाधा न आए। कलेक्टर ने बीते पांच वर्षों में छात्रों को प्रदाय की गई सामग्री का भौतिक सत्यापन करने को कहा, साथ ही स्टॉक रजिस्टर में हर वस्तु का लेखा-जोखा दर्ज करने को भी कहा। अनुपयोगी या मरम्मत योग्य सामग्री के निस्तारण के लिए एक प्रक्रिया तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।मौसमी संक्रमण से बच्चों को सुरक्षित रखने हेतु परिसर में स्वच्छता बनाए रखने, जलभराव रोकने, खिड़कियों में जाली लगाने और स्वस्थ भोजन परोसने को प्रमुख प्राथमिकता दी गई। कलेक्टर ने कहा कि मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा और तय मीनू के अनुरूप ही भोजन तैयार होना चाहिए। बैठक में अपर कलेक्टर श्री भूपेंद्र अग्रवाल, सहायक आयुक्त श्री देवेंद्र सिंह, डीईओ श्री लखनलाल धनेलिया और सीएमएचओ डॉ. बीआर पुजारी समेत संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।








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