
। कोरबा में स्थित बाबा श्याम का मंदिर पिछले कुछ सालों से श्रद्धालुओं की धडक़न बन गया है। यहाँ के भक्तों के अनुसार,जो जो कलयुग घोर बढ़ेगा बाबा तेरा जोर बढ़ेगा यह कहावत अब कागजों पर नहीं, बल्कि प्रत्यक्ष देखी जा सकती है।
बाबा श्याम मित्र मंडल के गोपाल अग्रवाल ने बताया कि 2010 में मंदिर के निर्माण कार्य और प्राण प्रतिष्ठा की तैयारी के दौरान एक अचम्भित कर देने वाला दृश्य सामने आया। मुख्य पुजारी ने जब गर्भ गृह के लिए स्थान को चिन्हित किया तो वह स्थान अचानक ही संगमरमर की चमकदार सतह पर खाटू नरेश बाबा श्याम की स्वाभाविक रूप से उभरती कलाकृति से भर गया। यह अद्भुत कलाकृति बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के स्वयंभू रूप में प्रकट हुई जिससे सभी उपस्थित लोग स्तब्ध रह गए. इस चमत्कार ने स्थानीय लोगों के विश्वास को नई ऊँचाइयों पर पहुँचा दिया। ऐसे नहीं होते परंतु ऐसा हुआ है इस अनोखी कलाकृति की सुरक्षा के लिये इसे पूरी तरह से पारदर्शी कांच की ढाल से घेर दिया गया ताकि कोई भी छेड़छाड़ न हो सके। इसके बाद मंदिर के ऊपर नया गर्भ गृह बनाकर बाबा श्याम की विधिपूर्वक स्थापना की गई। बाबा श्याम के भक्त महेंद्र अग्रवाल ने कहा की हम सभी को सौभाग्य मिला है कि बाबा स्वयं यहाँ प्रकट हुए हैं। उनका आशीर्वाद हर कष्ट को दूर करता है और जीवन में नई ऊर्जा का संचार करता है. वर्तमान में मंदिर में दैनिक पूजा, मंत्रजाप और भजन कीर्तन के साथ साथ विशेष विधि विधान भी आयोजित होते हैं। प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु इस पवित्र स्थल पर आते हैं। कुछ कष्ट मोचन की प्रार्थना के लिए और कुछ मनोकामना पूरी करने की आशा में। कोरबा के इस अद्भुत स्थल ने न केवल श्रद्धालुओं के दिलों में विश्वास की नई रोशनी जलायी है बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर में भी एक अनमोल रत्न की तरह स्थान पाया है। जब तक यह चमत्कार बना रहेगा बाबा श्याम का नाम और उनका जोर भी हर युग में बढ़ता रहेगा।







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