
शहर के ट्रांसपोर्ट नगर और शारदा विहार स्थित रेलवे क्रॉसिंग पर जाम की समस्या लगातार विकराल होती जा रही है। ठंड के मौसम में मालगाडियों के इंजन बार-बार फेल होने से रेल यातायात रुक जाता है, जिसका सीधा असर सडक मार्ग पर पड़ता है। सोमवार सुबह भी इसी तरह की स्थिति देखने को मिली, जब उद्योगों की ओर जा रही एक मालगाड़ी का इंजन फेल हो गया और फाटक पर ट्रेन अटक गई। इसके कारण करीब दो घंटे तक यातायात ठप रहा और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थी, नौकरीपेशा लोग और व्यापारियों को जाम में फंसना पड़ा, जिससे काफी लोग समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच सके और नाराजगी जताई। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह समस्या अब दैनिक सिरदर्द बन चुकी है। लंबे समय से इन दोनों रेलवे फाटकों पर ऐसी समस्याएँ देखी जा रही हैं, लेकिन समाधान की दिशा में रेलवे की ओर से कार्यवाही नहीं होती। उद्योगों का कहना है कि कोयले की सप्लाई के लिए उनका रेलवे से एग्रीमेंट है, इसलिए लॉजिस्टिक मैनेजमेंट और तकनीकी दिक्कतों को दूर करना रेलवे की ही जिम्मेदारी है। बताया गया है की मालगाडियों में क्षमता से अधिक वैगन जोड़े जाने और अधिक भार वाले रैक चलाने से इंजन ओवरलोड होकर फेल हो जा रहे हैं। भारी रैक रोक दिए जाने से फाटक बंद रहता है और आस-पास का पूरा क्षेत्र जाम की चपेट में आ जाता है। जाम के दौरान कई वाहन चालकों ने इधर-उधर से निकलने की कोशिश की, जिससे व्यवस्था और बिगड़ गई। संकरी गलियों में वाहन फंसने से हालत ज्यादा खराब हो गई। परेशान नागरिकों ने रेलवे और प्रशासन पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि बार-बार समस्या होने के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं निकल रहा।
कोरबा नगर में स्थित शारदा विहार, ट्रांसपोर्ट नगर और सीएसईबी चौराहा रेलवे क्रॉसिंग पर दिनभर मालगाडियों की आवाजाही चलती रहती है। कोयला परिवहन का मुख्य मार्ग होने के कारण इन फाटकों पर जाम लगना आम बात हो गई है। इससे सीएसईबी चौक, संजय नगर, शारदा विहार और ट्रांसपोर्ट नगर इलाके में आवागमन घंटों प्रभावित रहता है।
कोरबा के संजय नगर क्षेत्र की वर्षों पुरानी समस्या का समाधान करने के लिए प्रशासन ने कई दशक बाद रेल अंडरपास परियोजना मंजूर की है, जिस पर लगभग 30 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। लेकिन विभिन्न तकनीकी एवं प्रशासनिक औपचारिकताओं में उलझने के कारण निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हो सका है। वहीं शारदा विहार, ट्रांसपोर्ट नगर और सीएसईबी चौराहे की समस्याओं के समाधान को लेकर सिर्फ आश्वासन ही दिए जाते रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कामकाज शुरू नहीं हो पाया है। इससे नागरिकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
नागरिकों ने मांग की है कि रेलवे और जिला प्रशासन मिलकर इंजन फेल होने की समस्या का तकनीकी समाधान निकालें, फाटक मुक्त सडक व्यवस्था विकसित की जाए और लंबे समय से लंबित परियोजनाओं को जल्द शुरू किया जाए, ताकि शहर जाम की समस्या से मुक्त हो सके।







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