सात साल का इंतजार खत्म: कोरबा मेडिकल कॉलेज में ब्लड कंपोनेंट यूनिट को मिला लाइसेंस

कोरबा मेडिकल कॉलेज में ब्लड कंपोनेंट यूनिट के संचालन के लिए सात साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार लाइसेंस जारी कर दिया गया है। लाइसेंस मिलने के साथ ही मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने यूनिट शुरू करने की तैयारियां तेज कर दी हैं। बताया गया है कि एक सप्ताह के भीतर ब्लड कंपोनेंट यूनिट की विधिवत शुरुआत कर दी जाएगी, जिससे मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।

शहर और स्थानीय मार्गदर्शिका

जिला अस्पताल के मेडिकल कॉलेज से संबद्ध होने से पहले वर्ष 2019 में छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (सीजीएमएससी) द्वारा ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर मशीन उपलब्ध कराई गई थी। हालांकि मशीन से संबंधित आवश्यक पूरक उपकरण की गलत सप्लाई होने के कारण ब्लड कंपोनेंट यूनिट अब तक शुरू नहीं हो सकी थी। इस दौरान मेडिकल कॉलेज में मरीजों की संख्या करीब तीन गुना बढ़ गई, जिससे ब्लड कंपोनेंट की आवश्यकता लगातार बढ़ती चली गई।

कई बार मांग के बावजूद सीजीएमएससी द्वारा पूरक मशीन रेफ्रिजरेटर सेंट्रीफ्यूज की आपूर्ति नहीं की गई, जिसके चलते यूनिट का संचालन छह वर्षों तक अटका रहा। मरीजों की जरूरत को देखते हुए तत्कालीन कलेक्टर अजीत वसंत ने जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद से रेफ्रिजरेटर सेंट्रीफ्यूज मशीन खरीदने की स्वीकृति दी। इसके बाद लगभग 40 लाख रुपये की लागत से मशीन खरीदी गई और ब्लड बैंक स्थित ब्लड कंपोनेंट यूनिट में इसकी स्थापना की गई।

मशीन स्थापना के बाद प्रशिक्षित स्टाफ से इसका ट्रायल भी कराया गया। ब्लड कंपोनेंट यूनिट के संचालन के लिए ड्रग कंट्रोल अथॉरिटी से लाइसेंस अनिवार्य होता है। सभी आवश्यक मशीनें उपलब्ध होने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने करीब छह महीने पहले लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। इसके बाद दो महीने पहले ड्रग कंट्रोल विभाग की केंद्रीय टीम ने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर निरीक्षण किया।

लाइसेंस जारी करने से पहले टीम ने अस्पताल पहुंचकर ब्लड बैंक, स्थान के स्वामित्व का प्रमाण, परिसर का नक्शा, ब्लड कंपोनेंट यूनिट से जुड़े दस्तावेज, उपकरणों की सूची, कैलिब्रेशन रिपोर्ट, मानक संचालन प्रक्रिया के साथ पैथोलॉजिस्ट और लैब टेक्नीशियन से संबंधित जानकारी की विस्तृत जांच की।ब्लड कंपोनेंट यूनिट के संचालन की अनुमति मिलने के बाद मरीजों को प्लाज्मा, प्लेटलेट्स के साथ-साथ आरबीसी और डब्ल्यूबीसी जैसी आवश्यक सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएंगी। इस संबंध में संयुक्त संचालक सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. गोपाल कंवर ने बताया कि ब्लड कंपोनेंट यूनिट के लिए लाइसेंस प्राप्त हो गया है और जल्द ही इसकी शुरुआत की जाएगी। फिलहाल सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं।

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