
कोरबा: बिना अनुमति चंगाई सभा आयोजित करने के मामले में पहले गिरफ्तार होकर जेल जा चुके पास्टर बजरंग जायसवाल ने रिहाई के बाद एक बार फिर नियमों की अनदेखी करते हुए बिना अनुमति धार्मिक आयोजन कर दिया। इस कार्यक्रम की सूचना मिलते ही बजरंग दल, हिंदू महासभा और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए और मतांतरण कराए जाने का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। मौके पर मसीही समाज के 350 से अधिक लोग मौजूद थे, जिनकी ओर से भी विरोध दर्ज कराया गया। दोनों पक्षों के आमने-सामने आने से कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई।
।बिना अनुमति चंगाई सभा करने पर विवाद
कटघोरा के तहसीलभाठा निवासी परिवर्तित ईसाई व पास्टर बजरंग जायसवाल करीब 20 दिन पहले अपने घर में लाउडस्पीकर के जरिए तेज आवाज में ईसाई धर्म का प्रचार-प्रसार कर रहा था। घर की छत पर टेंट लगाकर नियमित रूप से चंगाई सभा आयोजित की जा रही थी, जिस पर मोहल्ले के लोगों ने आपत्ति जताते हुए कटघोरा थाना में शिकायत की थी। पुलिस ने बिना अनुमति सभा आयोजित करने के आरोप में मामला दर्ज कर पास्टर जायसवाल को जेल भेजा था। करीब पांच दिन पहले ही उसकी जेल से रिहाई हुई थी।

इस बार कटघोरा में कार्यक्रम न कर सुतर्रा पेट्रोल पंप के पास बड़े स्तर पर चंगाई सभा आयोजित की गई। यहां न केवल ईसाई समुदाय के लोग, बल्कि आसपास के गांवों के लोगों को भी प्रार्थना के माध्यम से स्वास्थ्य ठीक करने के नाम पर बुलाया गया था। दोपहर करीब तीन बजे बजरंग दल, हिंदू महासभा, भाजपा और गौ सेवक संगठन से जुड़े 50 से 60 कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और टेंट में चल रही चंगाई प्रार्थना का विरोध किया।
कार्यकर्ताओं ने मतांतरण का आरोप लगाते हुए नारे लगाए, वहीं ईसाई समुदाय के लोग सामने आकर कार्यक्रम को गलत तरीके से पेश करने का आरोप लगाने लगे। इस दौरान दोनों पक्षों में झूमाझटकी भी हुई। शाम होते-होते दोनों पक्ष कटघोरा थाना पहुंचे और एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।






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