
रायगढ़ पुलिस की कार्यवाही पर सवाल,असली आरोपी बरी और कोरबा पत्रकार गिरफ्तार,
सरोज रात्रे की गिरफ्तारी ने पत्रकारिता और लोकतंत्र पर उठाए गंभीर सवाल
रायगढ़ के कोसमनारा में बाबा सत्यनारायण पर सोशल मीडिया विवाद ने इलाके में हंगामा मचा दिया है। इंस्टाग्राम इनफ्लुएंसर आकाश शर्मा (Instagram ID aakashvibesss) ने बाबा के ध्यानस्थ वीडियो में दिख रहे बालक को बच्ची कहकर अशोभनीय और अपमान जनक टिप्पणी की, जो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों और सर्व साहू समाज में नाराजगी फैल गई।
मुख्य बिंदु –
असली गलती – आकाश शर्मा द्वारा वीडियो में अशोभनीय और निंदनीय टिप्पणी करना। स्थानीय प्रतिक्रिया – सर्व साहू समाज और स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
पुलिस की कार्रवाई
28 जनवरी को FIR दर्ज होने के बाद पुलिस ने बिना तथ्यपूर्ण जांच और नोटिस दिए। 29 जनवरी की रात्रि 10:30 बजे पत्रकार सरोज कुमार रात्रे कोरबा को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी पर सवाल
सरोज के पिता का आरोप – सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन,7 वर्ष से कम सजा वाले मामलों में नोटिस देना अनिवार्य है।
सरोज का पक्ष
उन्होंने केवल वीडियो बनाने वाले की पहचान उजागर करने की कोशिश की थी,किसी पर अशोभनीय टिप्पणी नहीं की।
न्यायालय की कार्रवाई
सरोज को जमानत न मिलने पर जेल भेजा गया।
प्रतिक्रिया
छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन इकाई करतला-बरपाली और स्थानीय पत्रकारों ने गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की,इसे लोकतंत्र और पत्रकारिता पर हमला बताया।
निष्कर्ष
असली अपराधी आकाश शर्मा को छोड़कर पत्रकार को आरोपी बनाना पूरे जिले में असंतोष फैलाने वाला कदम साबित हुआ।








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