
कोरबा।हसदेव अरण्य क्षेत्र में हो रहे कोयला खनन और पर्यावरणीय क्षरण के खिलाफ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) और अखिल भारतीय नौजवान सभा (एआईवाईएफ) ने हसदेव से रायपुर तक प्रस्तावित पदयात्रा की तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में आज 29 जनवरी 2026 को सीपीआई एवं एआईवाईएफ के प्रतिनिधिमंडल ने बिलासपुर से हसदेव के हरिहरपुर क्षेत्र तक दौरा कर पदयात्रा के रोड मैप को अंतिम रूप दिया और स्थानीय आंदोलनकारियों तथा ग्रामीणों से विस्तृत चर्चा की।दौरे के दौरान हसदेव क्षेत्र के ग्रामवासियों ने प्रतिनिधिमंडल को जानकारी दी कि अदानी समूह द्वारा अब तक लगभग 10 लाख पेड़ों की कटाई की जा चुकी है, जबकि कई लाख पेड़ों को काटने की तैयारी चल रही है। ग्रामीणों का कहना है कि कोयला खदानों के विस्तार के कारण आम जनता का जीवन बेहद कठिन हो गया है। कभी घने जंगलों और विभिन्न प्रजातियों के वृक्षों से आच्छादित रहने वाला हरिहरपुर क्षेत्र अब खनन और प्रदूषण की भेंट चढ़ता जा रहा है।ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि बढ़ते प्रदूषण के कारण विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को सांस लेने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र में पानी की स्थिति भी गंभीर बताई गई, जहां नल और कुओं से काला पानी निकल रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि शासन-प्रशासन और यहां तक कि प्रदूषण नियंत्रण विभाग भी बड़े उद्योगपतियों के दबाव में आंखें मूंदे हुए है।पदयात्रा की तैयारियों के तहत किए गए इस दौरे में भाकपा जिला कोरबा के जिला सचिव कामरेड पवन वर्मा, अखिल भारतीय नौजवान सभा छत्तीसगढ़ के राज्य अध्यक्ष कामरेड विक्रांत शर्मा, राज्य सचिव कामरेड रघुनंदन सोनी सहित जिला बिलासपुर से बद्री सिंह और रवि शर्मा शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल ने बिलासपुर से हसदेव (हरिहरपुर) तक क्षेत्र का निरीक्षण कर आगामी आंदोलन की रणनीति पर विचार-विमर्श किया।सीपीआई जिला कोरबा के जिला सचिव पवन कुमार वर्मा ने कहा कि हसदेव अरण्य को बचाने और स्थानीय लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए यह पदयात्रा एक निर्णायक कदम होगी। उन्होंने कहा कि पर्यावरण, जल, जंगल और जमीन के सवाल पर पार्टी और उसके सहयोगी संगठन जनआंदोलन को और तेज करेंगे।










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