
खबर – मनोज पाहूजा
KORBA । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के अवसर पर मंगलवार को कोरबा की धरती पर शौर्य, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का भव्य नजारा देखने को मिला। संघ के स्वयंसेवकों ने पूरे अनुशासन और गर्व के साथ ऐतिहासिक पथ संचलन निकाला, जिसने शहर को राष्ट्रभावना से सराबोर कर दिया।सफेद शर्ट और खाकी पैंट में सजे स्वयंसेवकों की सुसंगठित कदमताल जब सड़कों पर गूंजी, तो हर ओर “भारत माता की जय” और “जय श्रीराम” के नारों से वातावरण देशभक्ति से भर उठा। इस पथ संचलन की शुरुआत चित्रा टॉकीज चौक से हुई, जो रानी रोड, अग्रसेन भवन, पुराना बस स्टैंड, मेन रोड से होते हुए गायत्री स्कूल, पुरानी बस्ती तक पहुंचा।रास्तेभर स्वयंसेवकों का पुष्पवर्षा, ढोल-नगाड़ों और जयघोषों से स्वागत किया गया। कोरबा वासियों ने बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरकर इस अनुशासित प्रदर्शन का साक्षी बने। पूरा शहर इस भव्य आयोजन से गौरवान्वित महसूस कर रहा था।संघ के पथ संचलन में बाल स्वयंसेवकों से लेकर वरिष्ठ कार्यकर्ता तक सम्मिलित हुए।
इस अवसर पर कई सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने आरएसएस के अनुशासन और संगठन क्षमता की प्रशंसा की।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना हिन्दू समाज को संगठित करने, जाति, प्रांत, भाषा और पंथ से ऊपर उठकर समरसता का भाव उत्पन्न करने के उद्देश्य से की गई थी। संघ अपनी दैनिक शाखाओं के माध्यम से व्यक्ति में चरित्र निर्माण, अनुशासन, सेवा, राष्ट्रभक्ति और त्याग की भावना का विकास करता है।शताब्दी वर्ष के इस विशेष आयोजन ने कोरबा में देशभक्ति का नया संचार किया है। हर ओर एक ही भावना थी —“हम राष्ट्र हैं, हम संगठन हैं, हम स्वयंसेवक हैं।”







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