
कोरबा/पाली: इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक हृदयविदारक घटना पाली थाना क्षेत्र के ग्राम डोंगानाला से सामने आई है। यहां एक निर्दयी मां ने लोकलाज के भय से जन्मे मासूम नवजात को झोले में भरकर झाड़ियों के बीच फेंक दिया।सुबह ग्रामीण किसान सत्ते सिंह मरकाम ने अपने बाड़ी से शिशु के रोने की आवाज सुनी। जब वे मौके पर पहुंचे तो झोले में रखा जीवित नवजात तड़पता मिला, जिसके शरीर पर चींटियां और कीड़े चल रहे थे। यह दृश्य देख ग्रामीण दंग रह गए और मौके पर भारी भीड़ जुट गई।ग्रामीणों ने तुरंत डायल 112 को सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और नवजात को पाली के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों की टीम उसे गहन चिकित्सा वार्ड में विशेष देखभाल में रख रही है। फिलहाल शिशु की स्थिति स्थिर बताई जा रही है।घटना की जानकारी पुलिस को दे दी गई है और जांच शुरू कर दी गई है। वहीं, महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। माना जा रहा है कि यह शिशु अवैध संबंधों का परिणाम हो सकता है, जिसे लोकलाज और सामाजिक दबाव के कारण लावारिस हालत में फेंक दिया गया।इस अमानवीय कृत्य से पूरे क्षेत्र में आक्रोश और संवेदना दोनों का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय पर बच्चे की रोने की आवाज सुनाई न देती, तो मासूम की जान जा सकती थी।









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