
समाचार – मनोज पाहुजा, ( mediasession24.in संवाददाता कोरबा ज़िला )
कोरबा। गेवरा रोड से पेंड्रा रोड के मध्य निर्माणाधीन नई विद्युतीकृत डबल रेलवे लाइन परियोजना में उपयोग होने वाली सामग्री के गबन के गंभीर मामले में कोरबा पुलिस ने बड़ी और प्रभावी कार्रवाई की है। गहन जांच के बाद पुलिस ने इस प्रकरण में आंतरिक संलिप्तता उजागर करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
मामले की शिकायत शिवाकृति इंटरनेशनल लिमिटेड कंपनी द्वारा थाना कटघोरा में दर्ज कराई गई थी, जिसमें रेलवे साइड सिंघिया एवं सुतर्रा स्थित स्टोर से लोहे के स्लीपर सहित अन्य निर्माण सामग्री के गायब होने की जानकारी दी गई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशानुसार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कोरबा श्री लखन पटले एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कटघोरा श्री नीतिश ठाकुर के मार्गदर्शन में एसडीओपी कटघोरा श्री विजय सिंह राजपूत द्वारा मामले की विस्तृत जांच प्रारंभ की गई।
जांच के दौरान कंपनी के कर्मचारियों, गार्डों एवं अन्य संबंधित व्यक्तियों से गहन पूछताछ की गई। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि यह घटना किसी प्रकार की बाहरी लूट या हथियारबंद डकैती नहीं थी, बल्कि कंपनी के भीतर कार्यरत व्यक्तियों द्वारा पद का दुरुपयोग करते हुए की गई आंतरिक गबन की घटना है। जांच के आधार पर थाना कटघोरा में अपराध क्रमांक 43/2026 धारा 316(5), 317(2), 317(3) एवं 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
पुलिस जांच में सामने आया कि तेजबहादुर पटेल, जो जेसीबी ऑपरेटर के पद पर कार्यरत था, उसने विगत कई महीनों से रेलवे निर्माण सामग्री की चोरी कर उसे कबाड़ी को बेचकर अवैध लाभ अर्जित किया। वहीं राहुल सिंह मरकाम की भी इस अपराध में संलिप्तता पाई गई। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि कुछ कर्मचारियों को गुमराह करने एवं घटना को बाहरी लूट का रूप देने के लिए दबाव बनाया गया था।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त जेसीबी वाहन, रेलवे लोहे के स्लीपर के टुकड़े तथा नगद राशि जब्त की है, जिसकी कुल अनुमानित कीमत लगभग 25 लाख 6 हजार रुपये बताई जा रही है। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। मामले में अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका की जांच अभी जारी है।
कोरबा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि रेलवे संपत्ति एवं सार्वजनिक परियोजनाओं से जुड़े किसी भी प्रकार के गबन, विश्वासघात या आपराधिक कृत्य को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी।








Comments are closed.