
*बिलासपुर: ‘अखिल हिंदू भारतीय शौर्य कवि सम्मेलन’ में गूंजा सनातन धर्म का उद्घोष, गुरुदेव ने दिया आशीर्वाद* बिलासपुर। न्यायधानी के पुलिस ग्राउंड में आयोजित ‘अखिल हिंदू भारतीय शौर्य कवि सम्मेलन’ में उस वक्त आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो गया, जब श्री चक्र महा मेरु पीठम के पूज्य गुरुदेव श्री श्री श्री 1008 सच्चिदानंद तीर्थ जी महाराज मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। इस भव्य आयोजन में गुरुदेव ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से न केवल कवियों का उत्साहवर्धन किया, बल्कि उपस्थित जनसमूह को सनातन मार्ग पर अडिग रहने का संदेश भी दिया। प्रमुख अंश: *वैदिक आशीर्वा* गुरुदेव ने कवियों और हिंदू समाज को संबोधित करते हुए कहा कि कविताएं केवल शब्द नहीं, बल्कि धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए जागृति का माध्यम हैं। उन्होंने वैदिक सनातन धर्म की मजबूती के लिए सभी को अपना आशीर्वाद प्रदान किया। *सनातन की मंगल कामना* कार्यक्रम के दौरान गुरुदेव ने प्रार्थना की कि सनातन धर्म का ध्वज इसी प्रकार निरंतर आगे बढ़ता रहे और समाज में धर्म के प्रति चेतना जाग्रत बनी रहे। *जयघोष से गुंजा मैदान* गुरुदेव के संबोधन के बाद “हिंदू राष्ट्र की जय” और “जय जय शंकर, हर हर शंकर” के नारों से पूरा परिसर भक्तिमय हो गया। इस सम्मेलन में बिलासपुर सहित आसपास के क्षेत्रों से भारी संख्या में श्रद्धालु और साहित्य प्रेमी जुटे थे। आयोजन समिति ने गुरुदेव का आभार व्यक्त करते हुए इसे नगर के लिए एक ऐतिहासिक आध्यात्मिक अवसर बताया।

बिलासपुर। न्यायधानी के पुलिस ग्राउंड में आयोजित ‘अखिल हिंदू भारतीय शौर्य कवि सम्मेलन’ में उस वक्त आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो गया, जब श्री चक्र महा मेरु पीठम के पूज्य गुरुदेव श्री श्री श्री श्री 1008 सच्चिदानंद तीर्थ जी महाराज मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। इस भव्य आयोजन में गुरुदेव ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से न केवल कवियों का उत्साहवर्धन किया, बल्कि उपस्थित जनसमूह को सनातन मार्ग पर अडिग रहने का संदेश भी दिया।

प्रमुख अंश:
- वैदिक आशीर्वाद: गुरुदेव ने कवियों और हिंदू समाज को संबोधित करते हुए कहा कि कविताएं केवल शब्द नहीं, बल्कि धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए जागृति का माध्यम हैं। उन्होंने वैदिक सनातन धर्म की मजबूती के लिए सभी को अपना आशीर्वाद प्रदान किया।
- सनातन की मंगल कामना: कार्यक्रम के दौरान गुरुदेव ने प्रार्थना की कि सनातन धर्म का ध्वज इसी प्रकार निरंतर आगे बढ़ता रहे और समाज में धर्म के प्रति चेतना जाग्रत बनी रहे।
- जयघोष से गुंजा मैदान: गुरुदेव के संबोधन के बाद “हिंदू राष्ट्र की जय” और “जय जय शंकर, हर हर शंकर” के नारों से पूरा परिसर भक्तिमय हो गया।
इस सम्मेलन में बिलासपुर सहित आसपास के क्षेत्रों से भारी संख्या में श्रद्धालु और साहित्य प्रेमी जुटे थे। आयोजन समिति ने गुरुदेव का आभार व्यक्त करते हुए इसे नगर के लिए एक ऐतिहासिक आध्यात्मिक अवसर बताया।








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