
जिले के औद्योगिक क्षेत्र हरदी बाजार में बुधवार दोपहर एक बड़ा हादसा टल गया। SECL दीपका खदान में हुई शक्तिशाली ‘हैवी ब्लास्टिंग’ के कारण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) हरदी बाजार के डिलीवरी वार्ड की छत का प्लास्टर भरभरा कर गिर गया। घटना के वक्त वार्ड में नर्स और अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद थे, जो मलबे की चपेट में आने से बाल-बाल बच गए।
खदान के मुहाने पर अस्पताल, हर दिन मंडरा रहा खतरा।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, यह सरकारी अस्पताल खदान के बेहद करीब, मात्र 30 मीटर के दायरे में स्थित है। लगातार हो रही भारी ब्लास्टिंग के कारण भवन की संरचना कमजोर हो चुकी है। चिकित्सा विभाग ने इस संबंध में कई बार उच्च अधिकारियों को लिखित सूचना दी है कि चारों तरफ से खदानों से घिरे इस जर्जर भवन में रहना जानलेवा साबित हो सकता है। इसके बावजूद, SECL प्रबंधन द्वारा ब्लास्टिंग की तीव्रता कम नहीं की जा रही है।
पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे मरीज और स्टाफ।
अस्पताल न केवल जर्जर भवन की मार झेल रहा है, बल्कि यहाँ जल संकट भी गहरा गया है। खनन गतिविधियों के कारण क्षेत्र का भू-जल स्तर काफी नीचे चला गया है, जिससे अस्पताल परिसर के बोर पूरी तरह सूख चुके हैं। वर्तमान में मरीज और स्वास्थ्य कर्मचारी पीने के पानी तक के लिए तरस रहे हैं,जिससे स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में भारी बाधा आ रही है।
ग्रामीणों और स्टाफ में आक्रोश।
इस घटना के बाद से स्थानीय ग्रामीणों और अस्पताल स्टाफ में भारी आक्रोश है। उनकी मांग है,कि अस्पताल को तत्काल किसी सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए।अस्पताल के पास होने वाली हैवी ब्लास्टिंग पर तुरंत रोक लगाई जाए।सूख चुके जल स्रोतों के विकल्प के रूप में पानी की तत्काल व्यवस्था की जाए। यदि समय रहते प्रशासन और SECL प्रबंधन ने कड़े कदम नहीं उठाए, तो किसी भी दिन यहाँ बड़ी जनहानि हो सकती है।








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