

सकोला तहसील के ग्राम पंचायत सकोला में भारत सरकार की भूमिहीन योजना के तहत हुए सत्यापन कार्य में गंभीर अनियमितता सामने आई है। आरोप है कि कोटवार राजेश्वर पूरी एवं पटवारी प्रमोद मरावी की लापरवाही के कारण एक जीवित व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया गया, वहीं 50 से अधिक हितग्राहियों को अपात्र सूची में डाल दिया गया। इस मामले से क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, भूमिहीन योजना के अंतर्गत लाभार्थियों की सूची सत्यापन हेतु कोटवार एवं पटवारी द्वारा रिपोर्ट प्रस्तुत की गई थी। इसी रिपोर्ट के आधार पर कई पात्र लोगों को योजना से वंचित कर दिया गया। जब हितग्राहियों को इसकी जानकारी हुई तो वे हैरान रह गए, क्योंकि सूची में ऐसे व्यक्ति को मृत दर्शाया गया जो जीवित है और पंचायत में निवासरत है।
इस गंभीर त्रुटि से परेशान होकर प्रभावित हितग्राहियों ने आज 09 फरवरी 2026 को सकोला तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई करने, पूरी सूची का पुनः निरीक्षण एवं सत्यापन कराने तथा सभी पात्र लोगों को दोबारा पात्र सूची में शामिल करने की मांग की गई।
इस दौरान हितग्राहियों के साथ पंचायत प्रतिनिधि एवं समाजसेवी भी मौजूद रहे और उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। तहसीलदार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुनः निरीक्षण का आश्वासन दिया है।
हालांकि हितग्राहियों का कहना है कि यदि शीघ्र पुनः सत्यापन कर उन्हें योजना का लाभ नहीं दिया गया और दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे अनशन व भूख हड़ताल करने को मजबूर होंगे। अब सवाल यह उठ रहा है कि पूरे मामले की जानकारी होने के बावजूद संबंधित पटवारी पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई।







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