
होली को एक सप्ताह का समय रह गया है और इधर नगाड़ों की मांग सामान्य बनी हुई है। सीतामणी और कोहडिय़ा क्षेत्र में चर्म आधारित काम करने वाला वर्ग नगाड़े तैयार कर रहा है।
इसमें अलग-अलग साइज शामिल हैं। इक्का-दुक्का स्थान पर इनकी दुकानें लगी है लेकिन सुबह से शाम तक ग्राहकों का इंतजार करना पेशेवरों के लिए मुसीबत बन रहा है। उन्होंने कहा कि बीते कुछ वर्षों से नगाड़े बनते ज्यादा हैं लेकिन बिक्री कम होती है। ऐसे में मेहनत का फल भी नहीं मिल पाता।







Comments are closed.