

कोरबा।आज छत्तीसगढ़ शासन की जनकल्याणकारी मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत कोरबा जिला आज सामाजिक समरसता और संवेदनशील शासन का साक्षी बना। जिला मुख्यालय स्थित सीएसईबी फुटबॉल ग्राउंड में आयोजित भव्य सामूहिक विवाह समारोह में जिले के 260 जोड़ों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों एवं विधि-विधान के साथ वैवाहिक जीवन में प्रवेश किया।
इस ऐतिहासिक अवसर को और अधिक गरिमामय बनाते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए और सभी नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखी, समृद्ध एवं सफल दांपत्य जीवन की मंगलकामना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के विवाह को सम्मानपूर्वक सम्पन्न कराने की दिशा में राज्य शासन की एक महत्वपूर्ण पहल है।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के उद्योग, आबकारी एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में राज्य सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना सामाजिक समानता, बेटियों के सम्मान और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को संबल देने का सशक्त माध्यम है।

मंत्री लखनलाल देवांगन ने बताया कि शासन का निरंतर प्रयास है कि योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुँचे। इसी सोच के अनुरूप राज्य की लगभग 70 लाख महिलाएं महतारी वंदन योजना से लाभान्वित हो रही हैं, जिससे उन्हें आर्थिक मजबूती मिली है और वे आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हुई हैं।
कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने कहा कि यह आयोजन एक शुभ अवसर है, जिसमें एक साथ अनेक परिवारों के जीवन में खुशियों की नई शुरुआत हो रही है। राज्य शासन का उद्देश्य है कि आर्थिक कारणों से किसी भी परिवार को अपनी बेटी के विवाह को लेकर चिंता न करनी पड़े।

महापौर संजू देवी राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना महिला सशक्तिकरण एवं सामाजिक न्याय की दिशा में छत्तीसगढ़ शासन की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे बेटियों के विवाह सम्मान और गरिमा के साथ सम्पन्न हो रहे हैं।
प्रत्येक नववधू को मिली 50 हजार रुपये की सहायता राशिइस सामूहिक विवाह समारोह में कुल 260 नवविवाहित जोड़ों को विवाह सम्पन्न होने के पश्चात 35-35 हजार रुपये की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की गई। मंत्री लखनलाल देवांगन द्वारा नवदंपत्तियों को सहायता राशि के चेक वितरित किए गए। साथ ही उन्हें प्रमाण पत्र एवं विवाह की स्मृति स्वरूप फोटोग्राफ भी प्रदान किए गए।
योजना के अंतर्गत प्रत्येक नववधू को कुल 50 हजार रुपये की सहायता दी जाती है। इसमें 35 हजार रुपये सीधे कन्या को चेक/ड्राफ्ट के माध्यम से दिए जाते हैं, जबकि 7 हजार रुपये वर-वधू के परिधान एवं श्रृंगार सामग्री तथा 8 हजार रुपये विवाह आयोजन पर व्यय किए जाते हैं। योजना का उद्देश्य फिजूलखर्ची पर रोक, बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं पर अंकुश लगाना तथा गरीब परिवारों की बेटियों की विदाई सम्मान और गरिमा के साथ सुनिश्चित करना है।







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