
दुर्ग (भिलाई)।छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दुर्ग जिले के भिलाई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP), राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और कुछ लोकप्रिय कथावाचकों पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि समाज में अंधविश्वास फैलाया जा रहा है और राजनीतिक लाभ के लिए डर की राजनीति की जा रही है।भूपेश बघेल ने पंडित प्रदीप मिश्रा और बागेश्वर धाम के कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री का नाम लेते हुए कहा कि ये लोग अब भगवान की कथा करने के बजाय टोटके और अंधविश्वास की बातें कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज के शिक्षित होने के बावजूद लोग ऐसे कथावाचकों के प्रभाव में आकर अंधविश्वासी बनते जा रहे हैं। बघेल के अनुसार, आम नागरिक इनसे बेहतर तरीके से जानते हैं कि पूजा कैसे की जाती है और शिव व हनुमान कौन हैं।अपने संबोधन में भूपेश बघेल ने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि आजादी की लड़ाई, मुगलों और सुल्तानों के शासनकाल में भी हिंदू कभी खतरे में नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP और RSS सत्ता में आने के बाद से ‘हिंदू खतरे में है’ जैसे नारों के जरिए चुनाव जीते जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अब कुछ लोग खुद को हिंदू कहने के बजाय ‘सनातनी’ कहने लगे हैं।पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने नाम पर कराए जा रहे कथित सर्वे को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह सर्वे BJP और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से दबाव और डर पैदा करने की कोशिश है। बघेल ने कहा कि यदि उन्होंने कोई गलती की है तो कानूनी कार्रवाई की जाए और इसका फैसला अदालत करे, न कि सर्वे के माध्यम से माहौल बनाया जाए।यह बयान भूपेश बघेल ने दुर्ग के शंकर नगर में अखिल भारतीय एससी, एसटी, ओबीसी संयुक्त मोर्चा द्वारा आयोजित ‘संविधान पर्व’ और राज्य स्तरीय सम्मेलन के दौरान दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में न तो अल्पसंख्यक और न ही कोई अन्य वर्ग खतरे में है, बल्कि केवल डर की राजनीति की जा रही है।










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