बादे शमीम

तुम्हारी खिड़की के पर्देठीक से टंगे नहीं हैंकोने से थोड़ा सा उघड़ा हैशायद, तुम दीख जाओ जरूरी नहीं हैपर्दा खोले रखनाबेपर्द रहनाक्यो कि मैं तुम्हेंआंखों से नहींमन से देखता हूं…

Read more

एक कविता लॉक डाऊन के नाम

इन थके हुए निढाल दिनों कोसोने दोचलो लौट आए मुसाफिर से सुनते हैंदास्तांराह के पेच ओ खम कीचलो आज रात चाँद को देखते हैंसितारों से आगे जहाँ ढूँढ़ते हैंकिसी कमजोर…

Read more

कविता का शीर्षक- काॅन्क्रीट के जंगल

हरे भरे जंगलों से गुजरती रेलगाड़ी,हमारे शहर के अतीत का दर्पण है।एहसास कराती है यह हरियाली ,अंतर हरे-भरे वन और काॅन्क्रीट के वन का ।निस्तब्ध खड़े ये पेड़ , नहीं…

Read more

“” गूंगे बहरे और अंधो अब उठो “”

ये कैसी राम राज गला घोट दिया लोकतंत्र कादेखो वो एक नही जो बे-आबरू हुई आज रेक्या हम सबकी रूह बेज़ार नहीं हुई देखकर ?वो बहन जो लुटी सर-ए-बाज़ार आज…

Read more

बहन मनीषा को इंसाफ दिलवाने के लिए जमात ए इस्लामी हिंद कोरबा का विरोध प्रर्दशन

हाथरस की बहन मनीषा के साथ दर्दनाक व मानवता को शर्मसार करने वाली घटना हुई मनीषा को श्रद्धांजलि देते हुए और उसे इंसाफ दिलाने के लिए जमात ए इस्लामी हिंद…

Read more

और अंत में- डॉ टी महादेव राव की कविता- कैसा होता हूं

कांच की लुगदी लगेपतंग के मांझे को पैरों में उलझाएखून से लथपथपंखों को फड़फड़ातेउल्टे लटके कबूतर कोबंधन मुक्त कर लेकर हाथों मेंप्रेम से सिर सहलाते समयमैं सिद्धार्थ होता हूं घूमते…

Read more

एक ग़ज़ल-आज का हासिल

कलियां खिलीं हों बाग़ में रंगे बहार देखुशबू उड़ेगी हर तरफ ऐसी खुमार दे जोशे जुनून अब मेरा हद पार हो गयापैनी नज़र दे और… कलम धारदार दे बरसेगी घटा…

Read more

मैं धीरे धीरे सीख रही हूँ- सुदीप्ता बक्शी

मैं धीरे धीरे सीख रही हूँ……मुझे हर उस बात पर प्रतिक्रिया नहीं देनी चाहिए जो मुझे चिंतित करती है मैं धीरे धीरे सीख रही हूँ……जिन्होंने मुझे चोट दी है मैं…

Read more

‘अकेलापन’ से ‘अपनापन’

प्रतिबंधों मे जीती ,सिकुड़ती जा रही है, खुद मे जिंदगीउधर कितने लोग थे, इधर कितना अकेलापन ।अब तो बंद शीशे और दीवारों के भीतर से ही दिखती है,बाहर की दुनिया…

Read more

एक कविता यह भी-आज का स्टूडेंट- एस वी आर नायुडु

आज का स्टूडेंट दिमाग से मंदस्कूल में एबसेंटसिनेमा हॉल में प्रजेंटकपड़े में मारेगा चार्ली सेंटउसे चाहिए एक हसीना गर्लफ्रेंडक्लास में होना चाहिए रंगीन एनवायरनमेंटलड़की हो या मैडम सब पर करता…

Read more

error: Content is protected !!