
कोरबा/ शारदा विहार वार्ड 12 के चिमनी भट्ठा में सात दिवस श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह का आरंभ शुक्रवार को हुआ। सुबह आठ बजे से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु आयोजन स्थल पर एकत्रित हुए। भागवत कथा के आयोजक महिला समिति के तत्वाधान में श्रीमद् भागवत कथा के प्रथम दिन चिमनी भट्ठा गणेश पंडाल स्थित कथा परिसर से भव्य कलश यात्रा निकाली गई। कुल 108 कुंवारी कन्याओं और महिलाएं ने विधि विधान एवं पूजा-अर्चना के साथ कलश लेकर चिमनी भट्टा बस्ती, टीपी नगर चौक, शारदा विहार, होते हुए मुड़ादाई मंदिर से कलश में जल भरकर भ्रमण करते हुए कथा स्थल पर पहुंचे। बाजा गाजा के साथ जय श्री राधे एवं देवी-देवताओं के नाम के उच्चारण जयघोष के साथ पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया।

कलश यात्रा में बड़ी संख्या में छोटे-छोटे बच्चे, युवतियां व महिलाओं ने हिस्सा लिया। कलश यात्रा में सबसे आगे भागवत जी को सिर पर उठाये आदरणीय श्री छेदीलाल राठौर और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती झूलबाई राठौर थे। कलश यात्रा में पीले वस्त्र धारण की हुई कन्याएं व महिलाएं सिर पर कलश लेकर मंगलगीत गाती चल रही थीं। कलश यात्रा का जगह-जगह स्वागत किया गया। इस मौके पर शोभा यात्रा पर खुले आकाश से पुष्प वर्षा की गई। इसके बाद मंत्रोच्चारण के बीच पुरोहितों द्वारा कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की गई।

सिरली वाले (सक्ती) से आए हुए कथा व्यास महाराज श्री पंडित उत्तम मिश्रा जी ने कहा कि भगवान की लीला अपरंपार है। वे अपनी लीलाओं के माध्यम से मनुष्य व देवताओं के धर्मानुसार आचरण करने के लिए प्रेरित करते हैं। श्रीमद् भागवत कथा मन की शुद्धि का साधन है। तन का स्नान तो लोग नाना प्रकार के साधन से कर लेते हैं, परंतु मन की शुद्धि के लिए सत्संग आवश्यक होता है। सत्संग श्रवण के लिए किसी उम्र सीमा की वैधता नहीं है। श्रीमद भागवत कथा के महत्व को समझाते हुए कहा कि भागवत कथा में जीवन का सार तत्व मौजूद है। आवश्यकता निर्मल मन और स्थिर चित्त के साथ कथा श्रवण करने की है।
इस मौके पर महिला समिति के सदस्य और मोहल्ले वासी छेदीलाल राठौर, झूल भाई राठौर, रेखा राठौर,नीलम गुप्ता,यशोदा राठौर,रंजू गुप्ता,सरिता साहू, माधुरी शर्मा,रूखमणी शुक्ला,प्रिया वैष्णव, मंजूलता राठौर, गायत्री,लक्ष्मी निषाद,झुलबाई राठौर, अनिता पांडेय,श्यामा चौहान,कौशिल्या नागे,अंजलि गुप्ता,प्रभा राठौर,अंजिला, किरण,आशा निषाद, विमला निषाद,ममता गुप्ता, सीताराम चौहान, राम कुमार राठौर, सुरेश निषाद,दिलीप कुमार वैष्णव, अखिलेश राठौर, राजू राठौर, मनीष आदित्य, आदित्य नागे के साथ सैकड़ों ग्रामीण एवं सिरली से आए हुए भजन मंडली के सदस्य उपस्थित थे।