रायपुर / नवजात शिशु देखभाल सप्ताह 15 से 21 नवंबर को मनाया जाता है। इस सप्ताह को मानने का उद्देश्य नवजात शिशु के विकास एवं देखभाल के महत्व के बारे में अभिभावकों में जागरूकता बढ़ाना हैं। साथ ही शुरुआती दिनों में होने वाली समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना भी है। इस अवसर पर उन माताओं का भी सम्मान किया गया जिनके बच्चे एसएनसीयू (विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाइयां) में काफी लंबे समय तक इलाजरत रहे ।
इस बारे में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ.रश्मि अग्रवाल जैन ने बताया, ‘’इस जागरूकता कार्यक्रम में जन्म से अठाईस दिन तक के शिशुओं के अभिभावक को उपचार एवं देखभाल परामर्श के बारे में बताया गया है। जागरूकता कार्यक्रम में विशेष रूप से नवजात शिशुओं की माताओं को बताया गया कि जन्म के तुरंत बाद से 6 माह तक केवल मां अपना ही दूध पिलाए ऊपरी आहार देने के पूर्व डॉक्टरी परामर्श जरूर ले साथ ही बच्चे को बाहरी संक्रमण से बचाने के लिए आगंतुकों के छूने से रोके साथ ही बच्चे को सर्दी के समय गर्म कपड़ों से ढके सांस लेने मैं तकलीफ ना हो इसके लिए विशेष ध्यान रखें दूध पिलाते समय विशेष ध्यान देने के बारे में भी बताया गया।‘’
डॉ.रश्मि ने बताया, “मितानिन के संपर्क में रहने से बच्चे का नियमित बढ़ना उसकी गतिविधियों और टीकाकरण की नियमित जानकारी भी मिलती रहती है । अभिभावकों को चाहिए कि शिशु देखभाल के लिए अपनी निकटतम मितानिन से भी संपर्क में रहे, किसी भी प्रकार की असहज स्थिति लगने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें । शासकीय चिकित्सालय में निशुल्क इलाज की व्यवस्था है।”


मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.मीरा बघेल ने इस अवसर पर कहा ‘’वर्तमान समय में गर्भवती माताओं को अपने शिशु और स्वयं की सुरक्षा के लिए कोविड-19 का वैक्सीनेशन अवश्य कराना चाहिए साथ ही माताओं को अपने स्वास्थ्य और शिशु स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना चाहिए ।‘’
कार्यक्रम में नाटक के माध्यम से महिलाओं को स्तनपान और कम वज़न के बच्चों की देखभाल और कंगारू मदर केयर के बारे में भी बताया ।
इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ.पीके गुप्ता ने कहा’’इस जागरूकता कार्यक्रम के तहत मातृ एवं शिशु अस्पताल कालीबाड़ी में एक वर्ष तक के नवजात शिशुओं की हाइट, वेट और अन्य विकास की जांच की जाएगी. उनके बीमारियों का उपचार भी किया जायेगा। शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए विभाग प्रतिबद्ध है । इसे लेकर तमाम सुविधाओं में बढ़ोतरी भी की जा रही है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा इस वर्ष का थीम सेफ्टी, क्वालिटी एंड नरचरिंग केयर बर्थ राइट ऑफ एवरी न्यू बोर्न रखा गया है । गतिविधियों का आयोजन कोविड अनुरूप नियमों का पालन करते हुए किया जा रहा है ।‘’
इस अवसर पर उपसंचालक बाल स्वास्थ्य डॉ.वीआर भगत, मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ.डीके चंद्रवंशी, पीडियाट्रिक विभाग के एचओडी डॉ.निधि गुप्ता, अस्पताल कंसलटेंट डॉ नीरज ओझा भी उपस्थित रहे।







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