
रायपुर/ 8 महीने से ड्यूटी से गायब महिला आरक्षक वृंदावन के एक आश्रम में मिली है। रायपुर पुलिस ने उसे काफी मशक्कत के बाद ढूंढ निकाला लेकिन उसने लौटने से इंकार कर दिया।
राजेंद्र नगर रायपुर के महावीर नगर इलाके में रहने वाली महिला सिपाही अंजना सहिस पीएचक्यू में पदस्थ थीं। वह करीब 8 माह पहले ड्यूटी से नदारद हो गई। इस बीच रायपुर पुलिस की ओर से उसे ड्यूटी ज्वाइन करने के लिए कई बार पत्र भेजा और संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। बीते 19 अगस्त को रायगढ़ में रहने वाली उनकी मां ने वहां के थाने में अपनी बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। रायगढ़ पुलिस ने जीरो में अपराध दर्ज करके उसे राजेंद्र नगर रायपुर थाने में भेज दिया। राजेंद्र नगर पुलिस ने 21 अगस्त को अंजना की तलाश के लिए टीम बनाई। अंजना के मोबाइल फोन और सिम कार्ड को सर्विलांस में लिया गया। उसका सिम कार्ड बंद मिला लेकिन मोबाइल फोन का लोकेशन कटनी में मिला। कटनी में यह हैंडसेट एक पुजारी के बेटे के पास से था, जिसने बताया कि इस फोन को उसने वृंदावन में एक महिला पुलिस से खरीदा है जिसने उसे अपना पहचान पत्र भी दिखाया था। इसके अलावा अंजना के एक बैंक खाते का भी पता चला जिसमें वृंदावन से ही लेन-देन किया जा रहा था।
राजेंद्रनगर पुलिस तलाश करते हुए वृंदावन पहुंची और आखिरकार गायब महिला आरक्षक एक शेड में पूजा सामग्री व फूल बेचती हुई मिल गई। रायपुर पुलिस ने उसे वापस चलने कहा तो वह पुलिस कर्मियों से उलझ गई। उसने कहा कि वह वयस्क है और किसी अपराध में उसकी तलाश नहीं है। वह अपनी मर्जी से यहां रह रही है अतः वे वापस जाएं। काफी अनुरोध के बाद आरक्षक ने स्थानीय थाने में जाकर अपना बयान दर्ज कराया। पुलिस ने आरक्षक की मां से भी बात कराई लेकिन उसने लौटने से इंकार कर दिया। पुलिस उसका बयान लेकर वापस लौट गई है।